कॉलेज में खराब खाना परोसे जाने से स्टूडेंट्स नाराज: छात्राएं अंबेडकर प्रतिमा के पास धरने पर बैठी
पटना।गया कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं और ख़राब खाने को लेकर छात्राओं का गुस्सा एक बार फिर से फूट पड़ा है। छात्राएं अपनी मांगों को लेकर परिसर में स्थित अंबेडकर की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गई हैं।
छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल की छात्राओं के लिए नाली पर भात परोसा जा रहा है। सड़ी गल्ली सब्जियां बनाई जा रही हैं। हॉस्टल में रहने वाली छात्रा ट्विंकल रक्षिता ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहना है कि पिछले दो-तीन महीनों से ख़राब खाना और गंदगी की समस्या बनी हुई है। रोटियों में कीड़े, बाल और सब्जी में लाल मिर्च के अलावा कुछ नहीं मिलता।
छात्राएं बोली- हॉस्टल का वाई-फाई और सीसीटीवी कैमरा भी महीनों से बंद
हॉस्टल का वाई-फाई और सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे महीनों से बंद पड़े हैं। सड़ी हुई सब्जियों का वीडियो भी हम छात्राओं के पास मौजूद है। अधिकारी बात करने पर पहले कैमरे बंद करवा देते हैं और मनमुताबिक काम करते हैं। पारदर्शिता का कोई नामोनिशान ही नहीं है।
रक्षिता नाम की छात्रा ने ये भी आरोप लगाया कि यहां पूरी तरह से पुरुषवादी सत्ता कायम है। लड़कियों की एक नहीं सुनी जा रही है। रक्षिता ने बताया कि बीते महीने भी लड़कियों ने नाराजगी जताई थी। उस समय आश्वाशन दिया गया था। लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। रक्षिता का कहना है कि जब तक समस्याएं दूर नहीं होतीं, छात्राएं धरने पर ही बैठी रहेंगी।
वहीं, गया कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सतीश चंद्र ने छात्राओं की शिकायतों को जायज ठहराया है। कहा कि नया कुक न मिलने की वजह से खाने में थोड़ी लापरवाही हुई है। समस्या के समाधान के लिए 5 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है। हॉस्टल की पुरानी बिल्डिंग और बजट की कमी से भी सुधार में समय लग रहा है। छात्राओं की भूख और खाने की समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकाला जाएगा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
