दलसिंहसराय में पेपर लीक व लाठीचार्ज के खिलाफ उग्र प्रदर्शन,शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
दलसिंहसराय : पेपर लीक प्रकरण और छात्रों-युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और बहुजन समाज के बैनर तले छात्र-युवाओं ने नगर में उग्र प्रदर्शन किया।
सुबह से ही विभिन्न कोचिंग संस्थानों व गांवों से जुटे सैकड़ों छात्र-युवा जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्गों से होते हुए महावीर चौक पहुंचे, जहां विरोध सभा का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और बीजेपी नेतृत्व पर परीक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। महावीर चौक पर प्रदर्शन के दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, लेकिन भीषण बारिश के बावजूद छात्र-छात्राएं पीछे हटने के बजाय सड़क पर डटे रहे। भीगते हुए युवाओं ने हाथों में बैनर-पोस्टर और लाल झंडे थामे जोरदार नारे लगाए, जिससे पूरा महावीर चौक आंदोलनमय हो उठा। राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की निगाहें भी लंबे समय तक आंदोलनकारी छात्रों पर टिकी रहीं।
छात्र नेताओं का कहना था कि बारिश में भी आंदोलन जारी रखना इस बात का संकेत है कि युवा अब अपने भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों देश भर में लगातार हो रहे पेपर लीक ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है और मेहनती अभ्यर्थियों का मनोबल तोड़ दिया है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किया गया बर्बर लाठीचार्ज आंदोलन की आग में घी डालने का काम कर रहा है। आइसा के छात्र नेता उदय कुमार और महेश कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए युवाओं की आवाज को लाठी के दम पर दबाना चाहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही पेपर लीक माफिया और इसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कानूनी कार्रवाई, छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग रखी गई। आंदोलन में नीतीश राणा, नीतीश कुमार, जमील अख्तर, रमेश राम सहित कई छात्र-युवा सक्रिय रूप से शामिल रहे। वहीं नीलकमल यादव, भूषण, राहुल, अजय, सौरव, मिनटुस, विकास आदि की उपस्थिति दर्ज रही। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और अधिक उग्र व व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
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