Samastipur

मोबाइल मत रखना, पुलिस ने सर्विलांस पर रखा होगा ऑडिओ वायरल,दरोगा शक्ति सिंह सस्पेंड

समस्तीपुर के विद्यापतिनगर में 14 साल के इशांत उर्फ छोटू हत्याकांड की जांच कर रहे दरोगा शक्ति सिंह ने आरोपी नंद कुमार सिंह के भतीजे अजय सिंह से ये बातें कही। आरोप है कि इशांत हत्याकांड केस में आरोपियों के साथ सांठगांठ कर केस को कमजोर किया जा रहा था।

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शक्ति सिंह और मुख्य आरोपी नंद कुमार सिंह के भतीजे अजय सिंह के बीच बातचीत के 5 ऑडियो सामने आए हैं। ऑडियो के सामने आने के बाद समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने शक्ति सिंह को सस्पेंड कर दिया है।

 

दरअसल, समस्तीपुर के विद्यापति नगर के बंगराहा के 14 साल का इशांत 10 जून से लापता था। बुधवार की रात इशांत के घर से 3 किलोमीटर दूर मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के लखनपट्टी गांव में उसकी लाश मिली। आरोपियों ने गोली मारकर हत्या के बाद शव जमीन में दफना दिया था। पुलिस ने जेसीबी से खोदकर शव को बाहर निकाला।

 

 

बच्चे के लापता होने के बाद अपहरण का मामला दर्ज कराया था। गांव के ही नंदी सिंह उर्फ आनंदी पर आरोप लगाया था। पुलिस दबिश के चलते आरोपी ने 2 दिन पहले कोर्ट में सरेंडर किया था। कड़ाई से पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ।

 

इशांत मर्डर केस क्या है? किसने और क्यों 14 साल के इशांत की हत्या की? सामने आए ऑडियो में आरोपी पक्ष और केस के जांचकर्ता के बीच क्या-क्या बातें हो रही हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

 

घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए

 

 

बुधवार की रात जेसीबी से गड्ढा खोदकर लाश निकालती पुलिस।

 

घटनास्थल पर गड्ढा खोदते पुलिसकर्मी। आरोपी ने नाबालिग की लाश की गोली मारकर हत्या के बाद 10 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया था।

अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला

 

सबसे पहले जानिए मर्डर केस दरोगा और आरोपी पक्ष के बातचीत वाले ऑडियो में क्या-क्या है?

 

3 मिनट 38 सेकेंड का पहला ऑडियो

 

अजय सिंह- जी सर, जी सर

 

शक्ति सिंह- क्या हुआ जी, बताए नहीं जी, कब्जा कहां कैसे पहुंचा नहीं।

 

अजय सिंह- सर, लड़के को मैंने बोल दिया था, मैं तो पटना आ गया था। मैंने लड़के को आपका नंबर भी दे दिया है, बता दिया है कि आपको ये दो पेन ड्राइव, कार्ड पहुंचा देना।

 

शक्ति सिंह- कहां दिया

 

अजय सिंह- अच्छा ठीक है, मैं बात कर लेता हूं।

 

शक्ति सिंह- रंजीत सिंह का कोई नंबर उपलब्ध करा दीजिए, उसके पिताजी कहां है?

 

अजय सिंह- वे परिवार समेत पुलिस की डर की वजह से कहीं गए हुए हैं, किसी रिश्तेदारी में गए होंगे।

 

शक्ति सिंह- रंजीत सिंह और उनकी पत्नी का बयान जरूरी होगा।

 

अजय सिंह- रंजीत की तो पत्नी यहां नहीं है। कोशिश करते हैं कि रंजीत के पिताजी से बयान दिला देते हैं।

 

शक्ति सिंह- उन्हें कहिएगा कि मोबाइल न रखे, दूसरे के मोबाइल से बात करे। हो सकता है कि पुलिस ने मोबाइल को सर्विलांस पर रखा हो। डीएसपी बोल रहे थे कि रंजीत के पिता का बयान लीजिए। जैसा मैं बोल रहा हूं, सेटिंग करके बात करा दीजिए।

 

अजय सिंह- ठीक है, मैं पता करता हूं कि रंजीत के पिताजी और रंजीत कहां है, मैं बात कराता हूं। अभी ऊपर से प्रेशर बन गया है। अभी हमलोग विधायक भगवान सिंह कुशवाहा से मिलने आए हैं। 24 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात का समय मिला है।

 

हम लोगों को अगले तीन चार दिन सिर्फ बचाना है।

2 मिनट का दूसरा ऑडियो

 

अजय सिंह- सर, बोल रहा था न कि प्रशांत का कोई एक आदमी था, उनका घर रमैया है, उन्होंने मुझे अभी कॉल किया था।

 

शक्ति सिंह- कौन, अमरेश?

 

अजय सिंह- अमरेश का भाई शिवशंकर राय। उन्होंने कहा कि ये 100 फीसदी सही है कि तुम्हारे चाचा नंदू ने प्रशांत के भाई इशांत को उठाया था।

 

शक्ति सिंह- शिवशंकर राय बहुत तेज तर्रार है, तुम्हारी बात रिकार्डिंग करके तुम्हें फंसा भी देगा।

 

अजय सिंह- सर, अगर प्रशांत से मिलने का बहाना बनता है, तो मैं आपको इन्फॉर्म करूंगा कि कहां मिलना है। फिर उसे उठाया जाएगा।

 

शक्ति सिंह- उसे और नजदीक बुलाओ।

 

अजय सिंह- नहीं, सर मैं कांचा और रमैया नहीं जाऊंगा। मैं उसे अपने घर के पास बुलाऊंगा।

 

शक्ति सिंह- उसे बेगूसराय बुलाओ, बछवाड़ा बुलाओ।

 

अजय सिंह- ठीक है, सर।

 

42 सेकेंड का तीसरा ऑडियो

 

अजय सिंह- प्रणाम सर।

 

शक्ति सिंह- इधर वाजितपुर में ही हूं।

 

अजय सिंह- सर, कितनी देर में आ जाएंगे।

 

शक्ति सिंह- आना पड़ेगा।

 

अजय सिंह- आते तो ठीक होता सर।

 

शक्ति सिंह- मैं बाइक से हूं, टाइम लगेगा, लेकिन आता हूं।

 

 

रोते बिलखते इशांत के परिजन।

31 सेकेंड का चौथा ऑडियो

 

अजय सिंह- सर, रमेश को जो ले गए थे, सुबह। उसका कुछ है।

 

शक्ति सिंह- मैं उसके बारे में कुछ नहीं बता सकता हूं।

 

अजय सिंह- ठीक है, इधर आइएगा सर।

 

शक्ति सिंह- नहीं आज मैं थक गया हूं।

 

अब जानिए, इशांत हत्याकांड क्या है, किसने, क्यों और कैसे उसकी हत्या की?

 

मृतक के पिता रामप्रीत यादव ने बताया कि गांव का नंदी सिंह शराब का कारोबार करता है। मेरे बड़े बेटे को शराब के झूठा केस में फंसा दिया। जिस कारण उन्होंने कुछ दिन पहले नंदी सिंह की शराब लदी टोटो पुलिस से पकड़वा दिया था। जिस कारण उसे जेल जाना पड़ा। जिसके बाद से ही वह मेरे बेटे की हत्या करने की धमकी दे रहा था। हमलोग अलर्ट थे, बड़े बेटे को कहीं अकेले नहीं जाने देता था। उम्मीद नहीं थी कि मेरे छोटे बेटे के साथ ऐसा करेगा।

 

 

रामप्रीत यादव ने बताया कि 10 जून की रात करीब 8 बजे मेरे बेटे इशांत को नंदी सिंह और उनका बेटा फोन कर बुलाया। वहां जब उसके साथ मारपीट की गई। किसी तरह उसने अपने भाई और दोस्तों को फोन किया। तब तक हमलोग रहीमपुर के पास पहुंचे, तब तक उसे लापता कर दिया।पिता रामप्रीत यादव ने आगे कहा कि नंदी सिंह के पास बिजली पोल गाड़ने के लिए गड्‌ढा करने वाली मशीन है। जिस मशीन से करीब 10 फीट गड्‌ढा किया। गला रेतने के बाद मेरे बेटे को गोली मारकर दी गई। हत्या के बाद शव को दफना दिया।

 

तीन दिन पहले मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर, सख्ती से पूछताछ में बताई हत्या की कहानी

 

विद्यापतिनगर थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि पुलिस दबिश के कारण नंदी सिंह ने तीन दिन पहले कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस टीम ने दो दिन पहले उसे कोर्ट से रिमांड पर लिया। उसके बाद उससे टीम लगातार पूछताछ कर रही थी। कड़ाई से पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

 

अब जानिए, आखिर आरोपी पक्ष और जांचकर्ता के बीच बातचीत का ऑडियो कैसे सामने आया?

 

पुलिस भी मानती है कि मुख्य आरोपी नंदी सिंह और मृतक इशांत के पिता रामप्रीत यादव का परिवार इलाके में शराब बेचता था। एक दूसरे को अच्छी तरह जानता था। इशांत के गायब होने के बाद इन लोगों ने नंदी के घर पर पहुंच कर उसके भतीजे अजय के साथ-साथ अन्य के साथ मारपीट की थी। इसी दौरान अजय का मोबाइल फोन इन लोगों को हाथ लग गया, जिसमें मर्डर केस के जांचकर्ता शक्ति सिंह से अजय सिंह के बातचीत की रिकार्डिंग मिल गई।

 

एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ऑडियो सामने आने के बाद इस मामले पर दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा और पटोरी डीएसपी बीके मेधावी से जांच कराई गई। जांच में पहली नजर में ऑडियो में शक्ति सिंह की आवाज पाई गई। इसके बाद तत्काल प्रभाव से शक्ति सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।एसपी ने कहा कि अबतक की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी और पीड़ित दोनों ही पक्ष इलाके में शराब का कारोबार करता था। वर्चस्व को लेकर आरोपी पक्ष ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। इस मामले में अभी जो भी फरार चल रहे हैं उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।सोर्स :दैनिक भास्कर.

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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