सात दिन के नवजात को अस्पताल में बंद कर भागा संचालक,प्रशासनिक तत्परता से बची जान,दो अस्पताल सील
मोतिहारी। चकिया।अनुमंडल प्रशासन ने बुधवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो अवैध अस्पतालों को सील कर दिया है.अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में अनुमंडलीय अस्पताल उपाधीक्षक डॉ चंदन कुमार और पुलिस बल शामिल थे.अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम ने बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि व्यापार मंडल स्थित एक हॉल से बच्चे के रोने की आवाज आ रही है.हॉल के बाहर से ताला बंद था.
प्रशासन की टीम ने बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए हॉल का ताला तोड़ अंदर प्रवेश किया.जहां अंधेरे में एक नवजात को वार्मर पर रखा गया था.वहां कोई चिकित्सक या कर्मी मौजूद नहीं था.बच्चे के माता-पिता के बारे में पुछताछ की गई तो आधे घंटे बाद उसके अभिभावक पहुंचे.बच्चे के अभिभावकों ने बताया कि मंगलवार रात पिलिया (जोंडिस) की शिकायत के बाद सात दिन के नवजात को यहां एडमिट कराया गया था.अस्पताल की तलाशी लेने पर वहां लाल गोपाल क्लिनिक का प्रिस्क्रिप्शन पाया गया.जिस पर दो डाक्टरों के नाम लिखे था.
इसके साथ ही पुराना बाइपास स्थित संजीवनी चाइल्ड केयर में भी बिना किसी चिकित्सक और कर्मी के चार बच्चों को क्रिटिकल इंसेंटिव केयर यूनिट में रखा गया था.बच्चों के माता पिता बाहर मौजूद थे.सभी बच्चों को जिला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है.प्रशासन ने दोनों अस्पताल को सील कर दिया है.प्रशासन ने दोनों जगहों से अल्ट्रासाउंड मशीन,बड़ी संख्या में वार्मर, आक्सीजन सिलेंडर सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं.प्रशासन द्वारा दोनों अस्पताल के चिकित्सक और संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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