बेगूसराय में गैंगरेप पीड़िता से मिलने पहुंचे तेजस्वी :बोले-बिहार में रोज गैंगरेप-हत्याएं हो रही है..
बेगूसराय में महिला के साथ गैंगरेप हुआ। बुधवार को तेजस्वी यादव पीड़िता से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने कहा है कि लगातार दूसरी बार पीड़िता के साथ गैंगरेप हुआ है। मेरी एसपी से बात हुई है, 5 में से 4 लोग अरेस्ट हो गए है। बिहार में रोज हत्या, लूट और गैंगरेप हो रही है। लोग डरे हुए है। यहां निर्दोष का फर्जी एनकाउंटर हो रहा है। अपराधी पर लाठी नहीं चल रही है। छात्रों पर लाठी चलाया जा रहा है।
सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद अपराध का ग्राफ बढ़ गया है। सीएम के ऊपर खुद मुकदमे दर्ज है। सीएम की भाषा भी ठीक नहीं रहती है। जीतनराम मांझी की बातों को मैं गंभीरता से नहीं लेता हूं। उन्हें मामले की समझ नहीं है। ये गैंगरेप की घटना भयानक और अमानवीय है। पुलिस हाथ पर हाथ धरी रहती है।तेजस्वी यादव से पहले मुकेश सहनी पीड़िता से मिलने पहुंचे। आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी सदर अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने पीड़िता से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
मुकेश सहनी ने कहा है कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही इस घटना में स्पष्ट दिख रही है। पहली बार जब इसके साथ घटना हुई और अपराधी पर कड़ी कार्रवाई की जाती, तो आज ऐसी घटना नहीं होती। इलाज में भी लापरवाही बरती गई। अस्पताल में एडमिट होना, सही से जानकारी नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सहनी बोले- बिहार का स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे
अस्पताल के सभी लोगों की जानकारी में है कि हम आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर और कोई वरीय अधिकारियों उपस्थित नहीं होना, अपने आप में दर्शाता है कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे चल रहा है। पीड़िता का सही से इलाज नहीं हो रहा है । सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि पांच डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर इस गरीब परिवार का सही से इलाज कराया जाए।
मुकेश सहनी ने आज गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात की।
यदि सही से इलाज नहीं कर सकते हैं, तो फिर परिवार को हम लोगों के हवाले कर दिया जाए, हम लोग प्राइवेट हॉस्पिटल में उसका इलाज कराएंगे। प्रशासन से अनुरोध है कि जिन लोगों ने ये किया है, उन लोगों को कड़ी सजा दिलाया जाए। उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करें, जो पुलिसकर्मी ने लापरवाही दिखाई, उनको सस्पेंड कर दिया गया है। लेकिन, उन पर कार्रवाई हो, जिससे कि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना को कोई पदाधिकारी हल्के में नहीं ले। सही से जांच करें, कार्रवाई करें।
मुकेश सहनी ने कहा कि भरत तिवारी का जो एनकाउंटर हुआ, उसमें भी सरकार के लोग अलग-अलग स्टेटमेंट देकर भटका रहे हैं। फर्जी एनकाउंटर बिहार में हो रहा है। 3 महीने पहले मुजफ्फरपुर में पप्पू सहनी का फर्जी एनकाउंटर किया गया। हम लोग सड़क पर उतरे थे, कमेटी बनाकर अगर सही तरीके से कार्रवाई होती, तो आज भरत तिवारी की हत्या नहीं होती। सामान्य वर्ग के लोग बधाई के पात्र हैं कि वह जिंदा हैं और अपने अधिकार के लिए बिहार में हड़कंप मचा दिया है।
जाति देख कर गोली मारी जा रही
सरकार और विपक्ष सब लोग देख रहे हैं। यहां पर जाति देखकर गोली मारी जा रही है, फेक एनकाउंटर हो रहा है। एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक समाज को टारगेट किया जा रहा है। सभी लोगों को जागने की आवश्यकता है। भरत तिवारी की हत्या के लिए आर्डर देने वाला दोषी है, सरकार और प्रशासन सामने आए और बताए, अगर पिस्तौल फेंक दिया, समर्पण कर दिया, तो फिर उनका हत्या कैसे हो गई।मुकेश सहनी ने राजगीर में दो लोगों की पीट पर हत्या पर कहा कि 2000 साल से दलित के साथ ऐसा हो रहा है। सामने आ गया, तो सवाल कर रहे हैं। पूरे बिहार में ऐसा हो रहा है, कोई ऐसा पंचायत और ब्लॉक नहीं है, जहां एससी, एसटी, ओबीसी के साथ अन्याय नहीं हो रहा है। समाज को अपने अधिकार के लिए लड़ने की जरूरत है
राजद की टीम पीड़िता के घर भी गई
मुकेश सहनी से पहले राजद की 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीड़िता से मिलने पहुंचा। इसमें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता, राजद पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार सहनी और राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती सहित कई स्थानीय नेता शामिल थे। सदर अस्पताल आने से पहले टीम पीड़िता के घर भी गई थी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए आलोक कुमार मेहता ने कहा कि सूबे में शासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। ऐसा लगता है कि वर्तमान सरकार में न तो अति पिछड़ों के प्रति कोई संवेदनशीलता बची है और न ही महिलाओं के प्रति। मुख्यमंत्री बार-बार सुशासन का दावा करते हैं, लेकिन राज्य के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं।
पुलिस-प्रशासन और सरकार की नियत ठीक नहीं
भोजपुर में भरत तिवारी का एनकाउंटर बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण है। राजगीर में एक मंदिर के महाभोज (भंडारे) में दलित समाज के दो बच्चे खाना खाने बैठ गए, तो उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। इन घटनाओं से साफ है कि पुलिस-प्रशासन और सरकार की नियत ठीक नहीं है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पीड़ित महिला को जल्द से जल्द बड़ी से बड़ी राशि मुआवजे और आर्थिक सहायता के तौर पर दी जाए। यह परिवार अत्यंत गरीब और मजदूर वर्ग से आता है, जिसके साथ यह घोर अत्याचार हुआ है। प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे और पीड़िता को न्याय दिलाए।
बिहार में सुशासन नहीं, राक्षस राज है- अनीता भारती
राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती ने घटना पर दुख और रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में प्रतिदिन महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार और इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। सरकार और प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा इन पीड़ितों से मिलने या सुध लेने तक नहीं आता।इस गरीब और मजदूर परिवार की महिला के साथ यह वारदात पहली बार नहीं, बल्कि दूसरी बार की गई है, जो बेहद शर्मनाक और असहनीय है। बिहार के जो हालात आज बन चुके हैं, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे राज्य में सुशासन नहीं, बल्कि राक्षस राज’ आ गया है। राजद इस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इलाजरत गैंगरेप पीड़िता से मिलने आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ऋषिकांत पहुंचे। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य अस्पताल पहुंचे। जज ने पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना।
राहत- 3 लाख का वाउचर परिजनों को सौंपा
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में 3 लाख रुपए की अंतरिम राहत (इंटरिम रिलीफ) राशि ट्रांसफर की। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस राशि का वाउचर पीड़िता के परिजनों को सौंपा। परिजनों से बात करते हुए जज ऋषिकांत ने विशेष हिदायत दी है।गैंगरेप पीड़िता की तबीयत फिर से बिगड़ गई है। उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसस पहले सदर अस्पताल से डॉक्टर दो बार घर भेज चुके थे, लेकिन उसकी तबीयत ठीक नहीं हुई।
पीड़िता को फिर से एडमिट कराया गया है।
बताया जा रहा कि मंगलवार को उसे काफी ब्लीडिंग होने लगी थी। जिसके बाद परिजन ने चकिया थाने को सूचना दी। रात करीब 9 बजे केस की आईओ और चकिया थाने की पुलिस पीड़िता के घर पहुंची और पीड़िता को सदर अस्पताल में भर्ती कराया।मामले की जानकारी मिलते ही सदर-टू डीएसपी कुमारी दुर्गा शक्ति भी सदर अस्पताल पहुंची और पीड़िता-डॉक्टर से बात कर हालात की जानकारी ली। अब एक बार फिर पीड़िता के हालत बिगड़ने पर लोग सदर अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
