रोजगार की तलाश में बिहार से गया था मनीष, जिंदा जलकर मौत, मचा कोहराम
पटना.गया जी के डुमरिया प्रखंड के भंगिया पंचायत स्थित जुल्माडीह गांव में इन दिनों गहरा सन्नाटा है। 18 वर्षीय मनीष कुमार की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। वह घर से निकला था परिवार का सहारा बनने, लेकिन उड़ीसा में एक सड़क हादसे में जिंदा जल गया। मनीष पिछले छह महीनों से उड़ीसा के सुंदरगढ़ में हाइवा चला रहा था। बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से लौटते समय हेमगिरी थाना क्षेत्र में उसकी गाड़ी की दूसरी हाइवा से टक्कर हो गई।
टक्कर के बाद वाहन में आग लग गई और वह बाहर नहीं निकल सका। हादसा इतना भयावह था कि मनीष का शव बुरी तरह जल गया। घटना की सूचना चाचा धनंजय यादव ने परिवार को दी, जिसके बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का कहना है कि मनीष बेहतर भविष्य के लिए बाहर गया था, लेकिन अब कभी लौटकर नहीं आएगा। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव शोक में डूबा है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजगार के अभाव में युवा बाहर जाने को मजबूर हैं और ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। कुछ महीने पहले भी इसी क्षेत्र के मजदूरों की मौत हुई थी।ग्रामीणों ने सरकार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
