डिमांड से 20 फीसदी कम उत्पादन,रेल नीर का संकट,ट्रेनों में पानी की डिमांड बढ़ गई
पटना.गर्मी बढ़ते ही रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में पानी की डिमांड बढ़ गई है। उसके मुकाबले उत्पादन कम हो रहा है। पटना जंक्शन समेत बड़े स्टेशनों पर रेल नीर का स्टॉक समय से पहले खत्म हो जा रहा है। छोटे स्टेशनों पर तो यह नदारद हो गया है। आईआरसीटीसी की दानापुर रेल नीर फैक्ट्री से रोज करीब 1,32,000 बोतलों का उत्पादन हो रहा है, जबकि डिमांड करीब 1,58,400 बोतल है।
यानी, डिमांड से करीब 26400 कम बोतल का उत्पादन हो रहा है। इस वजह से बिहार के छोटे-बड़े करीब 100 स्टेशनों पर समय से आपूर्ति नहीं हो रही है। अवैध वेंडर लोकल ब्रांड का पानी बेचते रहते हैं।
पाटलिपुत्र जंक्शन पर एक माह आपूर्ति नहीं : पाटलिपुत्र जंक्शन पर तो एक माह से रेल नीर की आपूर्ति बंद है। इस वजह से सात लोकल ब्रांड का पानी बेचने की अनुमति दी गई है।
मांग-आपूर्ति
दैनिक उत्पादन : 1,32,000 बोतलें
दैनिक डिमांड : 1,58,400 बोतलें
कमी : रोज 26,400 बोतलें
वाटर वेंडिंग मशीन न होने से डिमांड बढ़ी
पटना जंक्शन, दानापुर और पाटलिपुत्र जंक्शन पर पर्याप्त वाटर वेंडिंग मशीन नहीं है। किसी प्लेटफॉर्म पर एक तो किसी पर लगी ही नहीं है। इस वजह से भी बोतलबंद पानी की डिमांड बढ़ गई है। बिहार दैनिक यात्री संघ के महासचिव शोएब कुरैशी के मुताबिक सभी प्लेटफॉर्म पर वाटर वेंडिंग मशीन लग जाएगी तो बोतलबंद पानी की डिमांड कम हो जाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
