Samastipur

घरेलू गैस का संकट जारी:नए कनेक्शन व ट्रांसफर पर लगी रोक,12 बुकिंग पूरा होने पर बुकिंग नहीं

पटना.शहर में घरेलू गैस सिलेंडर का संकट लगातार बना हुआ है। रविवार को भी लोग सिलेंडर लेकर भटकते नजर आए। गैस एजेंसियों के गोदामों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने से परेशान लोग एजेंसियों के कार्यालयों का चक्कर काटते रहे।

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कई लोग बुकिंग कराने तो कई केवाईसी के लिए कार्यालय पहुंचे थे। इस बीच कॉमर्शियल सिलेंडर की बिक्री शुरू होने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को थोड़ी राहत मिली है।

 

नए कनेक्शन और ट्रांसफर पर रोक

 

 

तेल कंपनियों ने बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति को देखते हुए पूरे राज्य में नए एलपीजी कनेक्शन और कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अंतरराज्यीय और अंतर-शहर ट्रांसफर को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।गैस एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में प्राथमिकता सक्रिय उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने की है। जिन उपभोक्ताओं का सालाना निर्धारित सिलेंडर कोटा पूरा हो चुका है, उनकी नई बुकिंग भी फिलहाल स्वीकार नहीं की जा रही है।

 

साल में 12 सिलेंडर का कोटा

 

शहरी क्षेत्रों में एक उपभोक्ता को साल में अधिकतम 12 सिलेंडर, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 8 सिलेंडर का कोटा तय किया गया है। पहले बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग संभव थी, लेकिन फिलहाल तय सीमा से अधिक बुकिंग रोक दी गई है। बिहार एलपीजी वितरक संघ का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा सके।

 

सत्तू और दही-चूड़ा के सहारे गुजर रहा दिन

 

गैस संकट से पटना में रहने वाले छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। निजी हॉस्टलों और लॉज में रहने वाले छात्र सिलेंडर लेकर दुकान-दुकान भटक रहे हैं। गैस नहीं मिलने के कारण कई छात्र घर लौट चुके हैं, जबकि कई लौटने की तैयारी में हैं।छात्रों का कहना है कि गैस की किल्लत के कारण दिन में सिर्फ एक बार खाना बन पा रहा है। कई छात्र सत्तू, चूड़ा, दही और गुड़ से दिन गुजार रहे हैं। गैस की तलाश में समय खर्च होने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

 

बुद्धा कॉलोनी के कई हॉस्टलों में नोटिस लगाया गया है कि गैस की कमी के कारण हॉस्टल में केवल दो समय ही भोजन मिलेगा। इधर, गैस संकट के बीच छोटे सिलेंडरों की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। छात्रों का कहना है कि उन्हें 300 से 350 रुपए प्रति किलो तक गैस भरवानी पड़ रही है।

 

पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी सरेंडर करना होगा

 

आशियाना फेज-वन स्थित दीप गंगा एजेंसी के एक कर्मी ने बताया कि केंद्र सरकार ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (संशोधन) आदेश, 2026 जारी किया है। इसके तहत जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन लग चुका है, उन्हें एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।बिहार में करीब 2.5 लाख से अधिक पीएनजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से अकेले पटना में लगभग 29 हजार उपभोक्ता हैं। यदि एक ही पते पर अलग-अलग नाम से कनेक्शन है, तो पीएनजी या एलपीजी में से किसी एक को सरेंडर करना होगा।

 

आपूर्ति में थोड़ा सुधार

 

रविवार को पटना में गैस सिलेंडर की आपूर्ति व्यवस्था में थोड़ा सुधार देखा गया। पर्याप्त संख्या में सिलेंडर लदे ट्रक पहुंचने से कई उपभोक्ताओं को गैस मिल सकी।दीप गंगा एजेंसी के मैनेजर गिरि जी ने उपभोक्ताओं से कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि भारत गैस एजेंसी के कई गोदामों पर सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं।

 

कतार और इंतजार

 

राजेंद्र नगर स्थित गोदाम पर सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतार लग गई थी। लोगों को गैस पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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