एक्सप्रेस-वे बनने से सैकड़ों आशियाने पर मंडराया संकट, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले रंजीत निर्गुणी
समस्तीपुर: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के संरेखण (अलाइनमेंट) में नियमों को ताक पर रखकर किए गए बदलाव का मामला अब दिल्ली दरबार पहुंच गया है. सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा प्रत्याशी रंजीत निर्गुणी ने इस गंभीर समस्या को लेकर आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. श्री निर्गुणी ने केंद्रीय मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट में हुए कथित नियम-विरुद्ध बदलावों से अवगत कराया। पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे अत्यंत संवेदनशील बताया और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का भरोसा दिया है.
राजनीतिक दबाव में अलाइनमेंट बदलने का आरोप
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान रंजीत निर्गुणी ने सीधा आरोप लगाया कि पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड में आने वाले हिस्से में भारी हेरफेर की गई है. उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे के 48वें किलोमीटर से 53वें किलोमीटर के बीच जो मूल अलाइनमेंट प्रकाशित किया गया था, उसे राजनीतिक दबाव के कारण अचानक बदलकर वक्राकार (टेढ़ा-मेढ़ा) कर दिया गया है.
सैकड़ों आशियाने और ऐतिहासिक कॉलेज पर मंडराया संकट
संशोधित नक्शे के कारण सरायरंजन में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। श्री निर्गुणी ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इस नए अलाइनमेंट के कारण:
सरायरंजन बाजार, कंकालीपुर एवं झखड़ा में लगभग 150 आवासीय मकान और दर्जनों व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से ध्वस्त होने की कगार पर हैं।
लगभग सात दशक पुराना और क्षेत्र की शैक्षणिक धरोहर माना जाने वाला केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय भी इसकी जद में आ रहा है। नए नक्शे से कॉलेज का एक मुख्य हिस्सा और खेल मैदान (क्रीड़ास्थल) का करीब 75% भाग पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
एनएचएआई के नियमों की अनदेखी
ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियमों के मुताबिक, किसी भी ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे’ को घनी आबादी वाले क्षेत्रों से दूर पूरी तरह से खाली या हरित क्षेत्र से निकाला जाना चाहिए.
“मूल सर्वेक्षण में जो अलाइनमेंट तय हुआ था, वह एनएचएआई के सभी मानकों के अनुरूप था और स्थानीय जनता को भी उस पर कोई आपत्ति नहीं थी. लेकिन बाद में निहित स्वार्थों और राजनीतिक रसूख के कारण किए गए इस बदलाव से एक्सप्रेस-वे तकनीकी रूप से अव्यावहारिक हो गया है और सैकड़ों परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है”
चुनाव के समय मिला था झूंठा भरोसा, घोर प्रशासनिक लापरवाही उजागर
इस मामले में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं.बताया गया कि विधानसभा चुनाव 2025 के समय जब स्थानीय जनता ने इस अलाइनमेंट का उग्र विरोध किया था, तब स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय विधायक सह तत्कालीन कबीना मंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी.
जनभावनाओं को देखते हुए उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को एक वैकल्पिक (सुधारित) नक्शा बनाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद लोग शांत हुए थे.लेकिन अब यह बात सामने आई है कि प्रशासन द्वारा उस वैकल्पिक नक्शे को एनएचएआईके पास मंजूरी के लिए भेजा ही नहीं गया. रंजीत निर्गुणी ने इसे जनता की भावनाओं के साथ क्रूर खिलवाड़ और घोर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है.
गडकरी ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा
सरायरंजन की इस संवेदनशील जनसमस्या को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बेहद ध्यानपूर्वक सुना.
उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि बुनियादी ढांचे के विकास से जनसामान्य को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर उच्चस्तरीय जांच का आदेश देने और उचित कार्रवाई करने का पूर्ण आश्वासन दिया है. इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान पूर्व प्रत्याशी रंजीत निर्गुणी के साथ क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश झा, मनोज कुमार एवं मोहन सिंह भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
