Samastipur

समस्तीपुर में तीन दिवसीय किसान मेला का समापन,आय बढ़ाने पर केंद्रीय मंत्री ने की चर्चा

समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में तीन दिवसीय किसान मेला आयोजित हुआ। इसके समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री Raj Bhushan Choudhary ने कहा कि देश में कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने व खेती को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार नई योजनाओं और तकनीकों पर काम कर रही है।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

 

कहीं पानी तो जल जमाव से परेशान है किसान

 

मंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में किसान पानी की कमी और कहीं-कहीं जलजमाव जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में वर्षा जल के बेहतर उपयोग और भूजल रिचार्ज की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़ी मात्रा में बारिश का पानी बहकर नष्ट हो जाता है। यदि इस पानी को वैज्ञानिक तरीके से जमीन के भीतर पहुंचाया जाए तो इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।

 

 

उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान खेती नहीं कर पाते। खेतों में पानी जमा रहने से फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए ऐसी तकनीकों को विकसित करने की जरूरत है जिससे अतिरिक्त पानी को बाहर निकाला जा सके और उसका उपयोग भूजल रिचार्ज के लिए किया जा सके। इससे जमीन के नीचे पानी का स्तर भी बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी समाधान मिल सकेगा।

 

मंत्री ने कहा कि उत्तर बिहार के कई क्षेत्रों, खासकर मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों से जलजमाव और सिंचाई की समस्या की शिकायतें आती रहती हैं। सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रबंधन के माध्यम से पानी के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

 

आज कृषि के क्षेत्र में नवाचार और नई तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। दुनिया के कई देशों में आधुनिक खेती के तरीके तेजी से विकसित हो रहे हैं। भारत को भी कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और तकनीक को बढ़ावा देकर उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

 

 

कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक व‌अन्य

इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान किसानों को नई तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब वैज्ञानिकों का ज्ञान और किसानों का अनुभव एक साथ जुड़ता है, तब कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव होता है।मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में चल रहे अनुसंधान और किसानों के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। किसान मेला जैसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और नई खेती पद्धतियों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!