यूजीसी गाइडलाइंस लागू करने व पिछड़े छात्रों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांगों को ले निकाला जुलूस
यूजीसी गाइडलाइंस लागू करने व पिदलसिंहसराय,आइसा कार्यकर्ताओं और बहुजन छात्रों द्वारा रविवार को शहर के अम्बेडकर कल्याण छात्रावास से हाथों में नारा लिखें तख्ती लिए और झंडा वैनर तले यूजीसी गाइडलाइंस लागू करने व बहुजन और पिछड़े छात्रों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांगो ले जुलूस निकाला.जुलस महावीर चौक होते हुए सरदार गंज चौक एन एच 28 चौराहा पहुंचा जहाँ एक सभा की गई.जिसका अध्यक्षता नितीश कुमार नें तथा संचालन उदय कुमार ने किया. सुनील कुमार सिंह नें सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आइसा और बहुजन छात्रों के वर्षों के संघर्षो का परिणाम था कि यूजीसी गाइडलाइंस 2026 लागू किया गया था.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा कैंपस में जातीय भेदभाव से निपटने के लिए जारी यूजीसी गाइडलाइंस पर रोक लगाई जाने वाले फैसला सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को कमजोर करने वाला है.जबकि यूजीसी खुद देश भर के शिक्षण संस्थानों में 118 प्रतिशत डिस्क्रिमिनेशन का रिपोर्ट जारी किया है, जो यूजीसी गाइडलाइंस क़ी आवश्यकता को व्यक्त करता है.
उदय कुमार नें कहा कि रोहित वेमुला, पायल तड़वी और दर्शन सोलंकी जैसे कई छात्र-छात्राओं की मौतें इस बात का प्रमाण हैं कि संस्थानों में जातीय और सामाजिक भेदभाव आज भी गंभीर समस्या बनी हुई है,जिस पर सख्त कानून और स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता है.
नीलकल और लोकेश राज नें कहा कि हाल के समय में एंजेल चकमा जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि देश के संस्थानों में नस्लीय और जातीय पूर्वाग्रह आज भी मौजूद हैं. ऐसे में यूजीसी द्वारा जारी समानता संबंधी नियम भले ही पूरी तरह पर्याप्त नहीं थे, लेकिन वे भेदभाव रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थे.इसे केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से मजबूत और प्रभावी “रोहित एक्ट” लागू करे, जिससे शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में जवाबदेही तय हो सके.
कार्यक्रम में आइसा सचिव नीतीश राणा,उमेश राम,कुंदन पासवान,निलकमल यादव,मो. फरमान,दीपक यदुवंशी,कुंदन यादव,मिंटस राम,नितीश, रवि,रमेश राम,अमर शाह,राज कु रंजन,कुंदन,सोनू,राहुल,विमय,मो. खल्लिल इत्यादि मौजूद थे.
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