Samastipur:उद्घाटन के करीब 3 साल बाद भी मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का आभाव
Samastipur,सरायरंजन,प्रखंड के नरघोघी गांव स्थित श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का उद्घाटन 21 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उद्घाटन के समय इसे क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था। हालांकि, उद्घाटन के करीब दो वर्ष दस माह बाद भी अस्पताल में कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाओं के पूरी तरह संचालित नहीं होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों और मरीजों के अनुसार इसका असर अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या पर भी पड़ा है। अस्पताल में करीब 500 बेड की क्षमता है, लेकिन वर्तमान में भर्ती मरीजों की संख्या काफी कम बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों में दो-चार, कभी 10 तो कभी 15 मरीज ही भर्ती रहते हैं। उनका कहना है कि अस्पताल शुरू होने के शुरुआती दौर में ओपीडी में प्रतिदिन 700 से 800 और कई बार 900 तक मरीज पहुंचते थे। अब मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है। हालांकि, अस्पताल में मरीजों की वास्तविक दैनिक संख्या अलग-अलग दिनों में अलग हो सकती है। स्थानीय लोगों की सबसे प्रमुख मांग अस्पताल में नियमित इमरजेंसी सेवा शुरू करने की है। उनका कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना जरूरी है। वर्तमान व्यवस्था में गंभीर स्थिति वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक, आवश्यक जांच और तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो आसपास के लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
अस्पताल अधीक्षक और उपाधीक्षक के लिए परिसर में आवास की व्यवस्था है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन आवासों का नियमित उपयोग नहीं होने से संबंधित अधिकारियों की अस्पताल में उपलब्धता को लेकर उन्हें सवाल उठते हैं। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक पूनम मिश्रा ने बताया कि वह अस्पताल परिसर में रहती भी हैं और कभी-कभी घर भी जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नरघोघी में इतना बड़ा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा है। यदि यहां इमरजेंसी सेवा, विशेषज्ञ चिकित्सक, जरूरी जांच, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सा सेवाएं पूरी क्षमता से उपलब्ध हो जाएं तो समस्तीपुर के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आ सकते हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
