समस्तीपुर जंक्शन:अंबाला मजदूरी करने जा रहे 5 नाबालिग बच्चों को बचाया गया
समस्तीपुर जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), रेल पुलिस और बाल संरक्षण संस्थाओं की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया. संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म पर गश्त के दौरान पांच नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है. ये सभी बच्चे परिजनों को बिना बताए मजदूरी करने के लिए अंबाला जाने की फिराक में थे.
RPF Rescue: गश्त के दौरान संदिग्ध हालत में दिखे बच्चे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरपीएफ और सामाजिक संस्थाओं की टीम प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर नियमित गश्त कर रही थी. शाम करीब 5 बजे मुजफ्फरपुर एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) के पास पांचों बच्चे एक साथ बैठे हुए दिखाई दिए. बिना किसी अभिभावक के छोटे बच्चों को एक साथ बैठा देख सुरक्षाकर्मियों को उन पर संदेह हुआ. इसके बाद टीम ने तुरंत उनके पास पहुंचकर पूछताछ शुरू की.
खगड़िया जिले के रहने वाले हैं सभी नाबालिग
पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी पहचान खगड़िया जिले के निवासी के रूप में दी. जब उनसे अकेले यात्रा करने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वे सभी एक साथ अंबाला जा रहे थे. बच्चों ने बताया कि वे वहां मजदूरी का काम करने के लिए निकले थे और उनके साथ कोई भी वयस्क या अभिभावक मौजूद नहीं था.
रेस्क्यू टीम में शामिल रहे अधिकारी व कार्यकर्ता
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में आरपीएफ सहायक उपनिरीक्षक सुमित कुमार और आरक्षी दीपक कुमार शामिल थे. इसके अलावा प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर के सहायक परियोजना अधिकारी शिव पूजन कुमार व रेस्क्यू प्रभारी सोनेलाल ठाकुर, जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के रेस्क्यू प्रभारी शोभानंद सिंह तथा सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
बाल कल्याण संस्था को सौंपे गए बच्चे
संदिग्ध स्थिति स्पष्ट होने के बाद सभी पांचों बच्चों को सुरक्षापूर्वक आरपीएफ पोस्ट कार्यालय लाया गया. वहां कागजी और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया. बच्चों की सुरक्षा और देखरेख को ध्यान में रखते हुए, आवश्यक उपस्थापना प्रक्रिया के तहत सभी नाबालिगों को प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, समस्तीपुर के सुपुर्द कर दिया गया है. अब संस्था के माध्यम से बच्चों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुपुर्द करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
