समस्तीपुर के मनीष पर 4 जिलों में हत्या-लूट केस दर्ज:4 जिलों में FIR, हाफ एनकाउंटर
समस्तीपुर के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में गंगापुर हाईस्कूल के पास गुरुवार देर शाम पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल मनीष सिंह का आपराधिक सफर बाइक चोरी से शुरू हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के नीरपुर गांव निवासी राम सिंह का पुत्र मनीष किशोरावस्था से ही अपराध की घटनाओं में शामिल होने लगा था। अब तक समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली और नालंदा जिले में उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और चोरी समेत 28 मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, मनीष का गिरोह मुख्य रूप से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के कर्मचारियों, सीएसपी संचालकों और सोना कारोबारियों को निशाना बनाता था। लूट के दौरान विरोध करने पर तीन अलग-अलग घटनाओं में गोली मारकर हत्या करने का आरोप भी उस पर है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 6 अगस्त 2019 को वारिसनगर थाना क्षेत्र के नगरबस्ती के पास मनीष ने एक साथी के साथ भारत फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी अमित सिंह से हथियार के बल पर करीब 1.10 लाख रुपए लूटे थे। इसके अगले ही दिन समस्तीपुर नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर मोहल्ले में शोभानंद सुमन की बाइक चोरी का मामला दर्ज हुआ।
इसके बाद वह लगातार लूट की घटनाओं में शामिल होता गया। 27 मई 2020 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शंभूपट्टी गांव के पास भारत फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी संतोष सिंह से हथियार के बल पर करीब 2.50 लाख रुपए लूटने का आरोप भी उस पर है।
सीएसपी संचालक की हत्या के बाद सामने आया नाम
10 अक्टूबर 2020 को ताजपुर थाना क्षेत्र के बलुआही पोखर के पास सीएसपी संचालक मिथिलेश गिरि से करीब 2.30 लाख रुपए लूटे गए थे। पुलिस के अनुसार, लूट का विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी गई थी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हत्याकांड में मनीष सिंह का नाम प्रमुखता से सामने आया था।इसके बाद उसका नेटवर्क दूसरे जिलों तक फैलता गया। वैशाली के देसरी थाना क्षेत्र में लूट के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने और नालंदा जिले में 30 अगस्त 2021 को लूट का विरोध करने पर एक युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में भी उसका नाम सामने आया।
मुजफ्फरपुर में सोना कारोबारी की हत्या का आरोप
20 जून 2021 को मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र में मझौली रोड स्थित एलआईसी कार्यालय के पास दुकान बंद कर घर लौट रहे सोना कारोबारी रवि कुमार सोनी से लाखों रुपए के आभूषण लूटे गए थे। पुलिस के अनुसार, विरोध करने पर कारोबारी को गोली मार दी गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस घटना में भी मनीष सिंह का नाम सामने आया था। घटना के बाद मुजफ्फरपुर में काफी विरोध हुआ था।
पुलिस के अनुसार, अकेले मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र में माइक्रोफाइनेंस कर्मियों और सीएसपी संचालकों से लूट के छह मामले दर्ज हैं। नालंदा में दो और वैशाली में तीन मामले दर्ज हैं। वहीं, समस्तीपुर जिले के अलग-अलग थानों में हत्या और लूट समेत करीब 20 मामले उसके खिलाफ दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
गुरुवार देर शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि मनीष सिंह अपने साथियों के साथ मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के गंगापुर हाईस्कूल के पास गाछी में किसी अपराध की साजिश रच रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोप है कि मनीष और उसके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मनीष के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।
उसके साथ पकड़े गए सहयोगी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में फ्लिपकार्ट कंपनी के गोदाम में हुई लूट में भी मनीष की संलिप्तता की आशंका है। इस बिंदु पर जांच की जा रही है।
जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में रहा है मनीष
एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में मनीष सिंह के खिलाफ चार जिलों में कुल 28 आपराधिक मामले सामने आए हैं। उसके अन्य मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। वह जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में भी रहा है।एसपी के अनुसार, मनीष का मुख्य निशाना माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के कर्मचारी, सीएसपी संचालक और सोना कारोबारी रहे हैं। पुलिस उसके साथ सक्रिय रहे अन्य अपराधियों और लूट की अलग-अलग घटनाओं में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
