वरिष्ठ नागरिकों को भोजन, वस्त्र,निवास,चिकित्सा व कानूनी मदद का है प्रावधान:पैनल अधिवक्ता
दलसिंहसराय,देश के वरिष्ठ नागरिक जो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं.अधिनियम के तहत भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं. उक्त बातें राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देशानुसार अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति की ओर से आयोजित वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर गुरुवार को अजनौल पंचायत भवन परिसर में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता सुनील कुमार चौधरी ने कही.श्री चौधरी ने आगे कहा कि कम उम्र के माता-पिता व दादी-दादा भी अपनी एक या एक से अधिक संतानों पर भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं.और माता-पिता की परिभाषा में जैविक, गोद व सौतेले माता-पिता भी आते हैं.
वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धा पेंशन,भोजन,वस्त्र,निवास और चिकित्सा देखभाल और उपचार के प्रावधान शामिल हैं और “कल्याण” का अर्थ है वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता के लिए भोजन, स्वास्थ्य देखभाल, मनोरंजन केंद्र और रेल यात्रा समेत अन्य में रियायती प्राथमिकता और निःशुल्क कानूनी मदद देने आदि आवश्यक सुविधाओं देने का प्रावधान है. साथ ही नालसा के नियमों को विस्तारपूर्वक बताया.मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत पीएलवी जितेंद्र कुमार समेत आम लोग उपस्थित थे.