न्यू बरौनी के पास एक ट्रैक पर दो ट्रेनें आमने-सामने,कवच तकनीक के परीक्षण की प्रक्रिया
बेगूसराय.बरौनी,न्यू बरौनी जंक्शन के पास गुरुवार को एक ही रेल ट्रैक पर दो ट्रेनें आमने-सामने आ गईं। दोनों ट्रेनें बेहद नजदीक खड़ी दिखीं। यात्रियों को बड़े हादसे की आशंका हुई। कई यात्री नीचे उतर गए। खुद को सुरक्षित करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद रेलकर्मियों ने बताया कि यह कवच तकनीक के परीक्षण की प्रक्रिया है। इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
कटिहार-सोनपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन संख्या 63305 बेगूसराय स्टेशन से बरौनी के लिए निकली थी। न्यू बरौनी स्टेशन से पहले गोमती संख्या 59 के पास आगे का सिग्नल नहीं मिला। ट्रेन रुक गई। इसी दौरान पीछे से आ रही डिब्रूगढ़-गोरखपुर ट्रेन संख्या 05978 भी उसी ट्रैक पर पिछले सिग्नल के पास आकर रुक गई। एक ही पटरी पर दोनों ट्रेनों को आमने-सामने खड़ा देखकर यात्रियों में दुर्घटना की चर्चा शुरू हो गई। डिब्रूगढ़-गोरखपुर एक्सप्रेस के गार्ड दिनेश कुमार ने बताया कि आधुनिक रेल सुरक्षा व्यवस्था में ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली को मजबूत किया गया है।
इसी क्रम में तकनीकी व्यवस्था की कार्यप्रणाली की जांच चल रही थी। यात्रियों को जब परीक्षण की जानकारी मिली, तब चिंता दूर हुई। कवच भारतीय रेलवे की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है। इसका मकसद सिग्नल पार करने में मानवीय चूक, तय गति-सीमा के उल्लंघन जैसी स्थितियों में हादसे की आशंका कम करना है। यह लोकोमोटिव और रेलमार्ग पर लगे उपकरणों से ट्रेन की स्थिति का आकलन करती है। सिग्नल की जानकारी लेती है। जरूरत पड़ने पर चालक को चेतावनी देती है। स्वचालित ब्रेक लगाने में मदद करती है। एक ही ट्रैक पर ट्रेनों के बीच टक्कर का जोखिम घटाना भी इसका उद्देश्य है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
