समस्तीपुर के 10 स्कूली बच्चों का चयन, राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में,प्रोजेक्ट पेश करेगी
समस्तीपुर. जिले के 10 बाल वैज्ञानिक अब राज्य स्तरीय मंच पर अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे. 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय परियोजना प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन कार्यशाला में इन विद्यार्थियों का चयन किया गया है. ये सभी एक से तीन नवंबर तक बेगूसराय के माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे. इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रखा गया है.
अलग-अलग स्कूलों के 10 विद्यार्थियों का चयन
जिला स्तरीय कार्यशाला में समस्तीपुर के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किये. मूल्यांकन के बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 10 बाल वैज्ञानिकों का चयन किया गया. चयनित विद्यार्थियों में सरकारी और निजी, दोनों तरह के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं.
चयनित विद्यार्थियों की सूची इस प्रकार है:
सुचिता कुमारी – +2 तिरहुत एकेडमी, समस्तीपुर
अनीश कुमार – उच्च विद्यालय, महथी
किशन – उच्च विद्यालय, चकसाहो
सुमन कुमार – किसान उच्च विद्यालय, मोरसंड
शुभम कुमार – उच्च विद्यालय, हसौली कोठी
साक्षी कुमारी – एसडीएसकेए गर्ल्स हाई स्कूल, सिंघिया घाट, विभूतिपुर
हिमांशु कुमार – यूयूएमवी, गरुआरा
अन्नू वर्मा – यूएमएस, सिंघिया बुजुर्ग उत्तर
आराध्या कुमारी – डीएवी पब्लिक स्कूल, समस्तीपुर
श्वेतांक संचित – होली मिशन, समस्तीपुर
स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान पर जोर
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने समाज और पर्यावरण से जुड़ी स्थानीय समस्याओं पर आधारित परियोजनाएं और मॉडल प्रस्तुत किये. उन्होंने अपने प्रोजेक्ट का उद्देश्य, उपयोगिता और संभावित लाभ बताते हुए यह समझाने का प्रयास किया कि विज्ञान और नवाचार के जरिये रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कैसे खोजा जा सकता है.
प्रतियोगिता के तहत पांच उपविषयों पर परियोजनाएं तैयार की गयी थीं. विद्यार्थियों को अपने विचारों को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने और मॉडल की उपयोगिता स्पष्ट करने का अवसर मिला.
डीईओ ने बच्चों को दिया मार्गदर्शन
जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बाल वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करती हैं.
उन्होंने विद्यार्थियों को परियोजना तैयार करने, प्रस्तुतीकरण बेहतर बनाने और वैज्ञानिक तथ्यों को प्रभावी तरीके से मंच पर रखने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया. डीईओ ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ आसपास की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान तलाशने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए.
एक से तीन नवंबर तक होगी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता
जिला स्तर पर चयनित सभी 10 विद्यार्थी अब बेगूसराय में होने वाली राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में समस्तीपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे. प्रतियोगिता में उन्हें अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से वैज्ञानिक सोच और नवाचार प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा. इस चयन से जिले के दूसरे विद्यार्थियों में भी विज्ञान आधारित गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
