डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से 48.20 लाख की ठगी:सीबीआई अफसर बनकर भेजे फर्जी दस्तावेज
पटना.कानपुर,स्वरूपनगर में साइबर ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 48.20 लाख की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को टेलीकाम अथारिटी ऑफ इंडिया, सीबीआई, क्राइम ब्रांच और इंटरपोल का अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेज और गिरफ्तारी की धमकी देकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पीड़ित को 10 सिंतबर को कॉल की
स्वरूप नगर शयनिका अपार्टमेंट निवासी बुजुर्ग योगेश चंद्र मिश्रा के अनुसार 10 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक काल आई, जिसने खुद को टेलीकाम अथारिटी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार से लिंक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मुंबई के तिलक नगर में धमकी भरी काल, अश्लील सामग्री और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया गया है।
इसके बाद रवि शर्मा नाम के व्यक्ति ने वाट्सएप पर इंटरपोल और सीबीआई से संबंधित फर्जी दस्तावेज भेजे। आरोप है कि इसके बाद काल अन्य लोगों को ट्रांसफर कर दी गई। उन्होंने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच और सीबीआई अधिकारी बताते हुए योगेश को गंभीर अपराधों में फंसाने और मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी।
24 से 72 घंटे में रकम वापस करने का दिया झांसा
उम्र अधिक होने का हवाला देकर घर में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ और डिजिटल अरेस्ट की बात कही गई। ठगों ने नरेश गोयल के खिलाफ कार्रवाई में मिले दस्तावेजों में उनका आधार नंबर और बैंक खाते में 40 लाख रुपये होने की बात कही। जांच के नाम पर बताए गए बैंक खाते में रकम आरटीजीएस कराने और 24 से 72 घंटे में वापस करने का झांसा दिया।
डर की वजह से योगेश चंद्र मिश्रा ने अपने स्वरूप नगर स्थित स्टेट बैंक खाते से उनके बैंक आफ इंडिया के खाते में 48.20 लाख रुपये भेज दिए। साइबर थाना प्रभारी अभय सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच की जा रही है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
