बेगूसराय में बालू माफिया पर शिकंजा, बूढ़ी गंडक में छापा, दो ट्रैक्टर जब्त
बेगूसराय।खोदावंदपुर।अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को सख्त कार्रवाई करते हुए बुढ़ी गंडक नदी के किनारे छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर पहुंचे खनन इंस्पेक्टर चंदन राज ने नदी की तलहटी से अवैध रूप से सफेद बालू निकाल रहे दो ट्रैक्टरों को मौके से जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया।
खनन इंस्पेक्टर ने बताया कि पिछले कुछ समय से बुढ़ी गंडक नदी के आसपास अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और गुप्तचरों के जरिए सूचना मिल रही थी कि खनन माफिया संगठित तरीके से नदी की तलहटी से बालू निकालकर उसकी सप्लाई कर रहे हैं। इसी को लेकर बुधवार को खोदावंदपुर थाना क्षेत्र में विशेष निगरानी अभियान चलाया गया।
बेगमपुर के पास रंगेहाथ पकड़े गए ट्रैक्टर
निगरानी के दौरान बेगमपुर गांव के समीप बुढ़ी गंडक के किनारे दो ट्रैक्टर बालू लादते हुए पाए गए। टीम को देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों वाहनों को जब्त कर लिया। बाद में जब्त ट्रैक्टरों को थाना लाकर खड़ा किया गया और उनके मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वाहनों की जब्ती और गिरफ्तारी: पुलिस ने मार्च 2026 में छापेमारी कर अवैध बालू लदे तीन बड़े वाहनों को जब्त किया और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गंगा तटीय क्षेत्रों में दबिश: खनन विभाग ने मटिहानी के सिंहमा चौक और अन्य तटीय इलाकों में अवैध उजला बालू ढो रहे हाइवा को पकड़कर चालक और खलासी को जेल भेजा। सख्त दंड और निगरानी: तेघड़ा अनुमंडल में रात के समय विशेष निगरानी शुरू की गई है, साथ ही अवैध खनन की सूचना देने वालों के लिए ₹5,000 से ₹10,000 तक के इनाम की घोषणा की गई है।
कई गांवों में फैला है अवैध खनन का नेटवर्क स्थानीय सूत्रों के अनुसार मेघौल, बिदुलिया, मायपुर, फफौत, बाड़ा, बेगमपुर और नूरुल्लाहपुर समेत कई गांवों में लंबे समय से अवैध खनन का धंधा चल रहा है। रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर बालू निकाला जाता है और फिर ट्रैक्टरों के माध्यम से उसे अलग-अलग इलाकों में भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया पूरी तैयारी के साथ काम करते हैं और निगरानी से बचने के लिए समय-समय पर अपना तरीका बदलते रहते हैं। इससे प्रशासन के लिए इन्हें पकड़ना चुनौती बना हुआ है।
पर्यावरण पर भी पड़ रहा असर विशेषज्ञों के अनुसार बुढ़ी गंडक जैसी नदियों से अनियंत्रित खनन नदी के प्राकृतिक बहाव को प्रभावित करता है और कटाव की समस्या को बढ़ाता है। इससे आसपास के गांवों पर भी खतरा मंडराने लगता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाए। साथ ही रात के समय विशेष निगरानी बढ़ाई जाए और जेसीबी मशीनों के इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि इस अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
