शहीद जवान के बेटे ने दी मुखाग्नि:ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे हुई थी मौत
पटना.भागलपुर के आर्मी जवान नीरज कुमार (34) सड़क हादसे में शहीद हो गए। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव सबौर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर लाया गया। गांव में सेना की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। छोटे बेटे नयन (10) ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी है।
बताया जा रहा है कि नीरज कुमार भोपाल में आर्मी मेडिकल कोर के हवलदार थे। 16 मार्च को बाइक से ड्यूटी पर आर्मी अस्पताल जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक पिछल गया और खाई में गिर गए.स्थानिय लोगों और आर्मी जवान की मदद से इलाज के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 20 मार्च को उनकी मौत हो गई।
सड़क हादसे के बाद जवान ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि ” अभी आने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उसी दिन रात में सेना की ओर से रात के दो बजे फोन आया और बताया गया कि नीरज की तबियत ज्यादा खराब है। इस सूचना पर पत्नी निशा 18 मार्च को भोपाल स्थित आर्मी कैंप पहुंची।पत्नी निशा (31) ने कहा कि हमारे 2 बच्चे है। एक लड़का और एक लड़की है। मैं चाहती हूं कि सरकार हमें नौकरी दें।
भोपाल स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती थे
शहीद जवान के बड़े भाई अंकित ने बताया कि नीरज कुमार भोपाल स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। 4 दिनों तक जिंदगी और मौत से जुझते रहे। फिर 20 मार्च को उनकी मौत हो गई।
सेना ने दिया उन्हें शहीद का दर्जा
कर्नल योगेंद्र ने बताया कि ड्यूटी के दौरान एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते समय उनका एक्सीडेंट हो गया था। वे आर्मी मेडिकल सेक्टर में हवलदार के पद पर तैनात थे। 16 मार्च से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन वे जिंदगी की जंग हार गए।सेना ने उनके बेहतर सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दिया। गांव में सेना की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद जवान की अंतिम झलक पाने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ पड़े।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो सेना के अधिकारी, स्थानीय पुलिस प्रशासन और नाथनगर के विधायक मिथुन कुमार यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके साथ ही दर्जनों गांव के सैकड़ों की संख्या लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद पार्थिव शरीर को बरारी गंगा घाट पर लाया, जहां उसके छोटे बेटे नायरा ने पिता को मुख्यग्नि दी।
मां बोली- बच्चों की पढ़ाई देखे सरकार
शहीद जवान की मां गीता देवी ने बताया कि बेटे ने कुछ दिन पहले वीडियो कॉल पर कहा था कि हम ठीक है और कहा था कि चिंता न करें।उन्होंने कहा कि मेरा बेटा चला गया, लेकिन उनके दो बच्चे हैं। सरकार मेरी बहू को नौकरी और बच्चों की अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
