समस्तीपुर में सिगरेट उधार नहीं देने पर हमला: दुकानदार सहित दो बेटों को पीटा
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में सिगरेट उधार नहीं देने को लेकर एक दुकानदार और उसके दो बेटों पर हमला किया गया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना समर्था कल्याणपुर वार्ड-9 के रहने वाले स्वर्गीय अशर्फी भगत के बेटे वीरन भगत के साथ हुई। वीरन भगत की कल्याणपुर चौक पर एक जनरल स्टोर की दुकान है। उन्होंने बताया कि एक युवक नशे की हालत में उनकी दुकान पर सिगरेट उधार मांगने आया था।
वीरन भगत ने युवक को पहचानने से इनकार करते हुए सिगरेट उधार देने से मना कर दिया। इस पर युवक ने बहस शुरू कर दी और मोबाइल पर दो-तीन अन्य लोगों को बुला लिया। उन्होंने पास की दुकान से लोहे की रॉड निकालकर वीरन भगत और उनके बेटों प्रियांशु कुमार (18) और गौतम कुमार (25) पर जानलेवा हमला कर दिया।
बाएं हाथ की हड्डी टूटी
हमले में वीरन भगत के बाएं हाथ की हड्डी टूट गई, जबकि प्रियांशु कुमार का सिर फट गया। गौतम कुमार को भी चोटें आई हैं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना 112 पुलिस टीम को दी।
घायल अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों घायलों को इलाज के लिए विभूतिपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया।सभी घायल सदर अस्पताल पहुंचे, जहां आपातकालीन वार्ड में डॉ. उत्कर्ष कुमार की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया है।
डॉक्टर उत्कर्ष कुमार ने बताया कि वीरन भगत की बाएं हाथ की हड्डी टूटी हुई है। जिसका एक्स-रे कराया जा रहा है। प्रियांशु कुमार के सिर में टांका लगा हुआ है ।जिसका सिटी स्कैन कराया जा रहा है। सीटी स्कैन और एक्स-रे रिपोर्ट आने के बाद प्रॉपर तरीके से इलाज शुरू किया जाएगा ।सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के डॉक्टर ने इस घटना की सूचना नगर थाने की पुलिस को दे दी । नगर थानाअध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से सूचना उन्हें मिली हुई है।
नगर थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को घायल लोगों से फर्द बयान लेने को लेकर सदर अस्पताल भेजा जा रहा है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
