Samastipur

मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी राम…रोम रोम में समाया तेरा नाम …

दलसिंहसराय।विद्यापतिनगर.जिला प्रशासन व कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विद्यापति राजकीय महोत्सव में सोमवार की शाम जब देश की मशहूर गायिका स्वाति मिश्रा की मखमली आवाज का जादू चला तो पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था तीन दिवसीय तेरहवीं विद्यापति राजकीय महोत्सव के आगाज का। महोत्सव में सांस्कृतिक संध्या के दौरान स्वाति मिश्रा ने अपनी सुर लहरियों में उपस्थित जनसमूह को बाग- बाग कर दिया। आध्यात्मिक गीतों से बड़े- बड़े मंचों को गुलजार करने वाली स्वाति मिश्रा जैसे ही विद्यापति धाम रेलवे मैदान स्थित कला मंच पर आईं हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह उनके दीदार को खड़े होकर व तालियों से इस महान शख्सियत का इस्तकबाल किया।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

स्वाति ने अपनी मखमली सुरलहरियों से अपनी लोकप्रिय गीत जगदंबा घर में दीयरा बार अईली हैं…,राम आयेंगे तो अंगना सजाऊंगी, दीप जला के दिवाली में मनाऊंगी…, मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी राम… रोम रोम में समाया तेरा नाम रे …, कभी राम बनके कभी श्याम बनके…, तेरी मंद मंद मुसकनिया पे बलिहार राघव जी…, नगरी हो अयोध्या सी…रघुकुल सा घराना हो…गीतों की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को रात का अहसास तक नहीं होने दिया।

 

 

स्वाति ने जैसे ही “कहे तोहसे सजना, तोहरी सजनिया…, तोहरे में मन बसे राजा…, दिलवा के चोर आदि लोक गीतों को मुखरित किया तो उपस्थित जनसमूह भजन व भक्ति गीतों की सुर, लय और ताल ने महफिल में मौजूद सभी लोगों के मन को झंकृत कर भावविभोर कर दिया।

 

वहीं रफ्ता रफ्ता वो मेरे दिल के…, अखियों के झरोखे में…, अगर तुम मिल जाओ जमाना छोड़ देंगे…, छुपाना भी नहीं आता कि प्रस्तुतियों के जरिए उपस्थित लोगों को बाग बाग कर दिया। देर रात तक आम से लेकर खास लोग सुर लहरियों में ताल से ताल व सुर से सुर मिलाते रहे।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

error: Content is protected !!