तीन दिवसीय 13 वें विद्यापति राजकीय महोत्सव का उद्घाटन,मंत्री ने कहा सांस्कृतिक व धार्मिक चेतना के महानायक थे विद्यापति
दलसिंहसराय।विद्यापतिनगर.मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि भक्ति भाव के अधिष्ठाता व भक्ति परंपरा के आधार स्तंभ कवि कोकिल विद्यापति जी की रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उनके भक्ति गीत आज भी मिथिला के लोककंठ में जीवंत हैं। भक्तिभाव की पराकाष्ठा से समाहित रचनाओं के जरिए महाकवि ने धार्मिक व सांस्कृतिक चेतना की अलख जगाकर विश्व भर में मिथिलांचल का मान बढ़ाया। वे सोमवार को बालेश्वर स्थान विद्यापतिधाम उगना महादेव मंदिर के पार्श्व स्थित रेलवे मैदान में आयोजित तीन दिवसीय 13 वें विद्यापति राजकीय महोत्सव का उद्घाटन के उपरांत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि विद्यापति जी को भी इस स्थान की पवित्रता और धार्मिकता का अहसास हुआ तभी तो उन्होंने इस धरती पर अपना प्रयाण कर इसे विख्यात किया। वहीं अपने भक्तिभाव से भगवान तक को अपना दास बना लिया। इसका कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। युवा पीढ़ी से भक्त व भगवान की नगरी से संबंधित किवदंतियों, विशेषताओं व विद्यापति जी की रचनाओं को आत्मसात करने की आवश्यकता जतलाते हुए मंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक भावनाओं व सामाजिकता का विकास हो यहीं महोत्सव का उद्देश्य है। युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए मंत्री श्री चौधरी ने उन्होंने पूरे विश्व पटल पर भारत की आध्यात्मिकता का डंका चमकाया।
कार्यक्रम की सफलता को लेकर उन्होंने आगत अतिथियों और उपस्थित जन-समूह के प्रति जिला प्रशासन की ओर से अपनी कृतज्ञता जताई। विद्यापति परिषद अध्यक्ष गणेश गिरि कवि ने महाकवि विद्यापति से जुड़ी विभिन्न किवदंतियों का जीवंत चित्रण कर इस स्थल की महिमा का इतिहास बोध कराया। इससे पूर्व गणमान्य अतिथियों ने महाकवि के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।
उद्घाटन सत्र का संचालन चर्चित उद्घोषक अनंत कुमार राय ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत वागीश झा व रमन शंकर भारद्वाज के मंगलाचरण की प्रस्तुति के साथ हुई। स्वागत गान व जय जय भैरवि असुर भयाउनि की प्रस्तुति विद्यापति प्लस टू उच्च विद्यालय मऊ बाजिदपुर दक्षिण की छात्राओं ने दी। इससे पूर्व अतिथियों ने महाकवि के तैल्य चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
