Samastipur

समस्तीपुर:पैक्स का लक्ष्य पूरा,धान नहीं बेच पा रहे किसान: दरवाजे की शोभा बढ़ा रहा फसल

समस्तीपुर के धान उत्पादक किसान परेशान हैं। उत्पादन अच्छा हुआ है, तो पैक्स धान लेने से इनकार कर रहा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने सोचा था कि फसल अच्छी हुई है, तो मुनाफा अच्छा होगा। लेकिन, फसल दरवाजे की शोभा बढ़ा रहा है। कारोबारी भी नहीं मिल रहे हैं।समर्थन मूल्य मिलने के इंतजार में लोगों ने खेतों से धान को अपने दरवाजे के सामने लाकर किसानों ने जमा कर रखा है। अब इसे औने-पौने दाम में बेचने की मजबूरी है।

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किसानों का कहना है कि सरकार ने धान प्रति क्विंटल 2400 समर्थन मूल्य तय किया था। अच्छी फसल हुई, तो लोगों को उम्मीद थी कि अच्छी खासी आमदनी होगी, लेकिन पैक्स अपना टारगेट पूरा कर लेने की बात कर धान लेने से इनकार कर रहा है।विभूतिपुर प्रखंड का साख मोहन पैक्स जिले का सबसे अच्छा पैक्स माना जाता है। इसे राज्य सरकार ने बेहतर काम के लिए अवॉर्ड भी दिया है। इस पैक्स के अधीन 144 रजिस्टर्ड किसान हैं । जिन्होंने इस साल अच्छी खासी धान की उपज की। इस पैक्स को सरकार ने 2000 क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया है। जबकि इस इलाके में 10,000 से अधिक क्विंटल धान की उपज हुई है।

 

 

किसानों के घर पर धान पड़ा है।

ऐसी स्थिति में अधिकतर किसान पैक्स आकर वापस लौट जा रहे हैं। उन्हें बताया जाता है कि पैक्स का टारगेट पूरा हो चुका है, अब धान खरीदना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में यहां के किसान किसी तरह धान निपटाने के प्रयास में हैं।

 

किसानों के पास नहीं पहुंच रहे खरीददार

 

विभूतिपुर प्रखंड के साख मोहन पंचायत के पैक्स के रजिस्टर्ड किसान अरविंद सिंह बताते हैं कि उन्होंने 54 बोरा धान भरकर अपने दरवाजे पर रखा हैं। उपज के बाद पैक्स अध्यक्ष के पास धान बेचने के लिए पहुंचे, तो बताया गया कि उनका लक्ष्य पूरा हो चुका है- अब धान नहीं लेंगे। ऐसी स्थिति में अब उनके सामने धान बेचने की बड़ी समस्या हो गई है। खरीदार भी नहीं पहुंच रहे हैं।किसान अमरजीत कुमार बताते हैं कि वह पैक्स के मेंबर हैं। तैयार धान उनके दरवाजे पर रखा हुआ है। लेकिन अध्यक्ष ने धान लेने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उनका टारगेट फूल हो चुका है।

 

यही स्थिति गांव के पवन कुमार झा की है। उन्होंने कहा कि इस बार अच्छी उपज हुई। उम्मीद थी कि समर्थन मूल्य के कारण अच्छी आमदनी हो जाएगी। धान लिया ही नहीं जा रहा है । कारोबारी भी क्षेत्र में दौरा नहीं कर रहे हैं, जिससे इसका मूल्य 1200 भी नहीं मिल रहा है । ऐसी स्थिति में अब करो या मरो की स्थिति हो गई है।

दरवाजे की शोभा बढ़ा रहा धान

 

किसान शिवजी यादव ने बताया कि वह पैक्स के स्थायी सदस्य हैं। 60 बोरा तैयार धान उनके दरवाजे की शोभा बढ़ा रहा है। लगातार वह पैक्स अध्यक्ष के पास पहुंचकर धान लेने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनका धान लिया नहीं जा रहा। उन्होंने प्रशासनिक पदाधिकारी से निवेदन किया है कि उनके धान की खरीद की जाए।बिस्कोमान के जीबी सदस्य विजय वात्सायन कहा कि उन्होंने किसानों की समस्या को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्राचार किया है। सरकार ने किसानों का धान लेने के लिए समर्थन मूल्य 2375 रुपया और 25 बोरी का कुल 2400 निर्धारित किया है।

 

लेकिन पैक्स में लक्ष्य कम होने के कारण किसानों का धान अब दरवाजे पर सड़ने की स्थिति में है। जबकि, सरकार किसानों की आय को दोगुनी करने को लेकर प्रयासरत है। ऐसे में किसानों की आय कैसे दोगुनी होगी। उन्होंने तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप कर किसानों का सभी धान खरीद करने के लिए आदेश देने की बात कही है।

 

 

किसान के घर पर धान पड़ा है।

दी समस्तीपुर कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि समस्तीपुर में 311 सहकारी समिति है। जिसमें से 304 सहकारी समिति की ओर से किसानों से धान लिया जा रहा। जिसके लिए इस वित्तीय वर्ष में 97539 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 33910 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।धान 5428 किसानों से खरीदा गया है। जिनमें से 5091 किसानों को भुगतान दिया जा चुका है। कोऑपरेटिव अध्यक्ष ने कहा कि इस बार आशा से अत्यधिक धान का उत्पादन हुआ है, जिस कारण पूर्व में ही बिहार के सहकारिता मंत्री ने कहा था कि सभी किसानों से धान खरीदा जाना संभव नहीं है। समस्तीपुर में लक्ष्य के अनुरूप धान की खरीद होगी।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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