“Earthquake:फिर डोली बिहार की धरती,नेपाल था भूकंप का केंद्र,6.1 तीव्रता का भूकंप आया
Earthquake: पटना. नेपाल में शुक्रवार तड़के 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पूरे हिमालय क्षेत्र में झटके महसूस किए गए. बिहार के पटना और आसपास के इलाकों में भी झटके महसूस किये गये. समाचार एजेंसियों के अनुसार, भूकंप नेपाल के सिंधुपालचौक जिले के भैरब कुंडा के आसपास सुबह करीब 2.36 बजे आया. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी, जबकि भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी तीव्रता 5.5 आंकी. हालाँकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि क्या कई भूकंप आए थे.
अब तक नुकसान की सूचना नहीं
6.1 तीव्रता का भूकंप तीव्र माना जाता है और इससे विशेष रूप से भूकंप के केंद्र के पास महत्वपूर्ण क्षति हो सकती है, जिसमें इमारतों का हिलना और दरारें बनना शामिल है. शुक्रवार की भूकंपीय गतिविधि की सीमा का अभी तक पता नहीं चल पाया है और अब तक किसी नुकसान या हताहत की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. एक वरिष्ठ नेपाली अधिकारी गणेश नेपाली ने समाचार एजेंसी को बताया, “इसने हमारी नींद को बुरी तरह झकझोर दिया. हम घर से बाहर भागे. लोग अब घरों को वापस लौट आए हैं. हमें अब तक किसी नुकसान या चोट की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.”
ज्योतिष शास्त्र में छिपा जवाब, क्यों कांपती है धरती
लोगों ने साझा किये अनुभव
बिहार में देर रात करीब ढाई बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. न सिर्फ अररिया, बल्कि भूकंप के झटके किशनगंज से पटना तक बड़े हिस्सों में भी महसूस किए गए. इलाकों में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग घबरा गए और अपने-अपने घरों से बाहर आ गए. हालांकि, इसके चलते किसी प्रकार के नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है. लोगों ने ऑनलाइन वीडियो साझा किए जिसमें पटना में भूकंप के कारण इमारतें और छत के पंखे हिलते दिख रहे हैं. एक एक्स उपयोगकर्ता ने उल्लेख किया कि झटके “अच्छे 35 सेकंड” तक रहे. एक अन्य व्यक्ति निखिल सिंह ने लिखा, “बिहार के पटना में जोरदार भूकंप महसूस किया गया. सब कुछ हिल रहा था, लेकिन अब तक कोई नुकसान नहीं हुआ है.” इस साल जनवरी में, तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में छह भूकंपों की एक श्रृंखला आई, जिसमें सबसे मजबूत तीव्रता 7.1 थी, जिसमें 125 से अधिक लोगों की जान चली गई.
हल्की क्षति की संभावनाएं
रिक्टर स्केल पर पांच की तीव्रता वाले भूंकप को मध्य तीव्रता का भूकंप माना जाता है, जिसमें घर के अंदर रखी वस्तुओं में वाइब्रेशन महसूस होती है. इतनी तीव्रता के भूंकप में मामूली क्षति होने की भी संभावना होती है. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक इस भूकंप का असर नेपाल, भारत और चीन के कुछ इलाकों में महसूस हुआ है. अब तक किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं है.
एक सप्ताह पहले भी आया था भूकंप
बिहार में एक सप्ताह पहले भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.8 मापी गई थी. हालांकि, ये भूकंप के झटके हल्के रहे थे, लेकिन लोग दहशत में आ गए थे. इस भूकंप के केंद्र सिवान था और इसकी गहराई 106 किलोमीटर थी.
असम में भी आया था भूकंप
वहीं बीती रात करीब 24 घंटे पहले ही असम में भूकंप के तेज झटकों का एहसास हुआ था. यहां लोग अलार्म से नहीं, बल्कि धरती की कंपन से जागे थे. भूंकप सुबह 5.36 बजे आया था, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5 मापी गई थी और इसकी गहराई मात्र 5 किलोमीटर थी. दिल्ली का धौला कुआं इसका केंद्र था.