Patna

“जलेबी बनाते पकड़ा गया ड्रग तस्कर:काट रहा था फरारी; पुलिस ने किया गिरफ्तार

 

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नई दिल्ली।भोपाल.राजस्थान का ड्रग तस्कर भोपाल में आकर हलवाई बन गया। वह जलेबी की दुकान पर काम करने लगा। जिसके बाद राजस्थान की जोधपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची तब आरोपी जलेबी बनाता मिला।

राजस्थान पुलिस ने 4 नवंबर को ये कार्रवाई की। खास बात ये है कि इस कार्रवाई की भनक भोपाल पुलिस को नहीं लगी।

जोधपुर पुलिस के मुताबिक, आरोपी कालूराम उर्फ केडी करीब 3 साल से फरार था। वह ड्रग तस्करी के अलावा आर्म्स एक्ट का भी आरोपी है। उसके खिलाफ 2 स्टैंडिंग वारंट थे। कालूराम को चित्तौड़गढ़ कोर्ट में पेश करने के बाद ज्यूडिशियल कस्टडी में रखा गया है।

बता दें, स्टैंडिंग वारंट, अपराध करने के बाद गिरफ्तार होकर जमानत मिलने के बाद भी कोर्ट में पेशी नहीं करने वाले आरोपी के खिलाफ जारी किया जाता है।

हथियार तस्करी के मामले में भी जोधुपर पुलिस आरोपी को पहले अरेस्ट कर चुकी थी।
मोबाइल नहीं रखता, घर आता-जाता रहता था
जोधपुर पुलिस ने बताया कि कालूराम जाट उर्फ केडी जोधपुर के सालवा कला के केरली नाडी निवासी है। उसके खिलाफ 2019 में चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा सदर थाने में मादक पदार्थ की तस्करी, अवैध हथियार, राजकार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमले जैसे मामले दर्ज हैं। वह मोबाइल नहीं रखता। घर आकर चला जाता था। इसका पता पुलिस को बाद में चलता।

घर आने के दौरान वह हमेशा इलाके के लोगों से कई तरह की बातें करता था। इससे हमें पता चला कि वह महाराष्ट्र, एमपी, यूपी और गुजरात में फरारी काट रहा था। इस बीच पता चला कि वह भोपाल में मिठाई की दुकान पर काम कर रहा है।

भोपाल में महीने भर से था एक्टिव आरोपी केडी
बताया जा रहा है कि कालूराम भोपाल में करीब महीने भर से एक्टिव था। वह कई बार इलाके के हलवाइयों की दुकान पर आता-जाता रहता था। 31 अक्टूबर की शाम 4 बजे से वह सोनागिरी सड़क पर स्थित हरियाणा जलेबी की शॉप पर काम कर रहा था। जिस समय पुलिस ने कालूराम को भोपाल से अरेस्ट किया, उस समय भी वह जलेबी बना रहा था।

डांगियावास (जोधपुर) थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा-

कालुराम बेनिवाल उर्फ केडी पर 25 हजार का इनाम था। उस पर पांच साल पहले थाना सदर निम्बाहेड़ा (चितौडगढ़) में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज हुआ। उसने अपनी पहचान छिपाते हुए करीब तीन साल अलग-अलग राज्यों में जलेबी की दुकानों और फैक्ट्रियों में काम किया।

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