Patna

टीबी से ग्रसित जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराएंगी पैष्टिक खाद्य पदार्थ

सासाराम/ 17 मई। देश से 2025 तक टीबी बीमारी को खत्म करने के लिए सरकार की मुहिम में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जनप्रतिनिधि एवं आम लोग जुड़ने लगे हैं और सरकार की इस मुहिम में कदम से कदम मिलाकर चलने लगे हैं। ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब देश से टीबी का उन्मूलन हो जाएगा इधर रोहतास जिला में भी टीबी उन्मूलन अभियान को लेकर लोगों की सोच में परिवर्तन देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयास के के बाद अब जनप्रतिनिधि और आम लोग इस मुहिम से जुड़ने लगे और टीवी बीमारी के उन्मूलन के साथ साथ टीबी मरीजों के लिए आगे आ रहे हैं। खासकर टीबी बीमारी से जूझ रहे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निक्षय मित्र बनकर मरीजों को हर महीने पौष्टिक आहार के रूप में खाद पदार्थ उपलब्ध करा रहे हैं। इस योजना के तहत सासाराम प्रखंड प्रमुख कौशल्या देवी ने अपने क्षेत्र के 15 गरीब एवं जरूरतमंद टीबी मरीजों को गोद लेने का घोषणा किया है। प्रखंड प्रमुख निक्षय मित्र बनकर अपने क्षेत्र के टीबी बीमारी से जूझ रहे गरीब एवं असहाय लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएंगी ताकि टीबी मरीज का रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके और टीबी से लड़ सके।

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जिले में 9 लोग निक्षय मित्र बन टीबी ग्रसित मरीजों का कर रहे मदद
रोहतास जिले में लगातार टीबी के मरीज मिल रहे हैं। हर महीने 70 से 80 टीबी के संदिग्ध मरीज पाए जा रहे हैं। जिला यक्ष्मा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार रोहतास जिले में अभी 1700 के आसपास टीबी के मरीज है, जिनका इलाज जारी है। इन टीबी मरीजों में से 1100 से 1200 ऐसे टीबी के मरीज है जो निक्षय मित्र योजना के लिए जरूरतमंद है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 9 लोग निक्षय मित्र बनकर जिले के विभिन्न प्रखंड के 14 जरूरतमंद एवं असहाय टीबी ग्रसित मरीजों की मदद पहुंचा रहे हैं। इनमें कुछ डॉक्टर तो कुछ समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि शामिल है।
क्या है निक्षय मित्र योजना
टीबी से ग्रसित मरीजों को पोषण सहायता राशि के रूप में सरकार द्वारा प्रतिमाह 500 राशि उपलब्ध कराई जाती है। सरकार ने ऐसे मरीजों के लिए निक्षय मित्र योजना की शुरुआत किया है। जिसमें कोई भी व्यक्ति, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी, निजी कंपनी में कार्यरत कर्मी, एनजीओ या कंपनी अपनी क्षमता अनुसार गांव, टोला पंचायत, प्रखंड या टीबी मरीज को गोद लेकर उन्हें 6 महीने तक पौष्टिक आहार के रूप में खाद्य पदार्थ उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए जिला यक्ष्मा केंद्र से संपर्क कर अपना निबंधन कराया जा सकता है। निबंधन कराने के बाद प्रथम महीने की पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध खाने के बाद मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर भारत सरकार के द्वारा उक्त व्यक्ति को प्रशस्ति पत्र प्रदान की जाती है।
टीबी उन्मूलन में सबका सहयोग जरूरी
सासाराम प्रखंड प्रमुख कौशल्या देवी ने कहा कि किसी भी महामारी को तभी रोका जा सकता है जब हम एक होकर उसका डटकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि देश से टीबी बीमारी को खत्म करने के लिए हम सब को एक साथ लड़ना होगा और टीबी बीमारी के साथ-साथ टीबी से ग्रसित मरीजों के लिए भी आगे आना होगा तभी हम लोग टीबी मुक्त जिला या देश की कल्पना कर सकते हैं।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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