Vaishali

समस्तीपुर;चयनित स्थल नहीं हुआ खाली,इस कारण मॉडल अस्पताल का निर्माण कार्य लटका

समस्तीपुर।
दो वर्ष पूर्व सदर अस्पताल परिसर में मॉडल अस्पताल बनाने के लिए स्वास्थ्य मुख्यालय द्वारा 31 करोड़ रुपए का आवंटन दिया गया था। स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की टाल मटोल नीति के कारण चयनित स्थल को अबतक खाली नहीं कराया जा सका है। जिस कारण अबतक मॉडल अस्पताल का निर्माण नहीं हो सका। जबकि मिशन 60 डे के शुरू होने पर पहुंच रहे वरीय अधिकारियों ने जल्द से जल्द मॉडल अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही थी। लेकिन निर्माण कार्य अबतक शुरू नहीं हो पाया। हालांकि सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई थी।

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जगह का चयन कर लिया गया है। जल्द ही पांच मंजिले मॉडल अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि इस अस्पताल की आधारशीला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो वर्ष पूर्व ऑनलाइन रखा था। लेकिन शिलान्यास के बाद भवन निर्माण की दिशा में कोई कार्य नहीं हो पाया। सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने पर डॉक्टर, नर्स के अलावा पारा मेडिकल कर्मी एवं अन्य मेडिकल कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सदर अस्पताल में अभी कुल मिलाकर 40 डॉक्टर हैं। अस्पताल को विकसित किए जाने के बाद डॉक्टरों की संख्या 50 से अधिक होगी। वहीं नर्स की संख्या भी 200 के करीब की जाएगी।

मॉडल अस्पताल के बन जाने से मरीजों के एक ही छत के नीचे सभी सुविधा मिलेगी। लेबर रूम, ओटी, पेइंग वार्ड, लिफ्ट, रैंप सहित कई विकास कार्य किया जाएगा। जिससे मरीजों को पटना दरभंगा जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भवन में लिफ्ट के अलावा एस्कलेटर भी लगाया जाएगा। ताकी मरीजों को दिक्कत नहीं हो। लिफ्ट और रैंप बन जाने के बाद मरीजों को लाने ले जाने में काफी सुविधा होगी।

खासकर सिजेरियन पेशेंट के लिए बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी। हॉस्पिटल में कम से कम 20 बेड का आईसीयू भी बनाया जाएगा। जहां गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रखा जाएगा। डॉक्टर व कर्मचारी की संख्या भी बढ़ेगी व अन्य मेडिकल कर्मियों की भी संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे गंभीर मरीजों को रेफर करने का झंझट भी खत्म हो जाएगा।

डायलिसिस सेंटर व दवा भंडार गृह के लिए बनाया जा रहा भवन
मिशन 60 डे के तहत कोरोना जांच केंद्र आईटीपीसीआर के पास पुराने मकान को तोड़कर वहां डायलिसिस सेंटर के लिए मकान बनाया जा रहा है । मकान के बनने पर वहां डायलिसिस सेंटर शिफ्ट कर दिया जाएगा। मॉडल अस्पताल के लिए नशा मुक्ति केंद्र के पीछे करीब छह वर्ष पूर्व सीएम शहरी विकास योजना से बनी पार्क को तोड़कर भवन बनाने का प्रस्ताव है।

इस पार्क के निर्माण पर करीब 28.75 लाख रुपए खर्च आया था। हालांकि पार्क का कोई उपयोग नहीं हो रहा था। एंबुलेंस आदि लगाए जाने के कारण पार्क हमेशा ढका ही रहता है। यहां मरीज कपड़ा सुखाने का कार्य करते हैं। इसके अलावा डज्ञयलिसिस सेंटर व केंद्रीय दवा भंडार गृह का भी स्थान बदला जाना था लेकिन अबतक दोनों को कहीं पर अवस्थित नहीं किया जा सका है। जिस कारण मॉडल अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

डायलिसिस सेंटर व केंद्रीय दवा भंडार गृह के लिए नये कमरों का निर्माण कराया गया है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मकान बनते ही डायलिसिस सेंटर व केंद्रीय दवा भंडार गृह को नये कमरा में शिफ्ट किया जाएगा। जिसके बाद मांडल अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू होगा।-डॉ. एसके चौधरी, सिविल सर्जन

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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