समस्तीपुर- एक साथ तीन शिक्षकों के ट्रांसफर पर भड़के छात्र:स्कूल में तालाबंदी कर किया हंगामा
समस्तीपुर के राजकीय कन्या उत्क्रमित मध्य विद्यालय रसलपुर में तीन शिक्षकों के तबादले पर छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।छात्रों का कहना था कि जिन शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है, उन्होंने स्कूल की पढ़ाई और विकास में अहम योगदान दिया है। अचानक हुए तबादले से वे नाराज हैं। शिक्षा विभाग ने नवीन कुमार, रामचंद्र प्रसाद और राकेश कुमार का ट्रांसफर दूसरे स्कूल में किया है।
ट्रांसफर की जानकारी के बाद छात्रों में थी नाराजगी
तबादले की जानकारी मिलने के बाद से ही छात्रों में नाराजगी थी। मंगलवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक स्कूल पहुंचे। उन्होंने मुख्य गेट पर ताला लगाकर शिक्षकों के ट्रांसफर का विरोध किया और प्रदर्शन शुरू कर दिया।प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि इन शिक्षकों ने स्कूल में अच्छी पढ़ाई का माहौल बनाने में खास भूमिका निभाई है। उन्हें डर है कि शिक्षकों के जाने से पढ़ाई पर असर पड़ेगा। वे लंबे समय से इन शिक्षकों से पढ़ रहे थे। इससे छात्र-छात्राओं के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
छात्रों ने कहा कि विद्यालय में पहले से ही शिक्षकों की उपलब्धता और पढ़ाई को लेकर कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में तीन शिक्षकों का एक साथ स्थानांतरण किए जाने से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग से स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की।
छात्र-छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक तीनों शिक्षकों को पुनः विद्यालय में वापस नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद की। विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाए जाने के कारण कुछ समय के लिए विद्यालय का सामान्य संचालन भी प्रभावित हुआ।
स्कूल मैनेजमेंट, अधिकारियों ने मामला शांत कराने की कोशिश की
छात्र-छात्राओं के इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय स्तर के अधिकारियों के स्तर से मामले को शांत कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, विद्यार्थी अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि शिक्षकों का स्थानांतरण केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। इसलिए विभाग को छात्र-छात्राओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए तीनों शिक्षकों के स्थानांतरण पर पुनर्विचार करना चाहिए।
विद्यालय में छात्र- छात्राओं एवं अभिभावकों की हंगामा की सूचना पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार विद्यालय पहुंचे आक्रोशित छात्र छात्रा एवं अभिभावकों को समझने का प्रयास किया बाद में स्कूली छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से लिखित आवेदन लिया गया छात्र-छात्राओं से कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए मामले को शांत कराया गया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
