वारिसलीगंज में चीनी मिल लगाने का रास्ता साफ, सरकार ने 99.39 एकड़ जमीन मुफ्त की मंजूरी
पटना.नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल लगाने की तैयारी अब आगे बढ़ सकेगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मकनपुर मौजा की 99.39 एकड़ सरकारी जमीन गन्ना उद्योग विभाग को देने की मंजूरी दी गई है.यह जमीन चीनी मिल की स्थापना के लिए स्थायी और नि:शुल्क ट्रांसफर की जाएगी. इससे लंबे समय से प्रस्तावित परियोजना के लिए जमीन से जुड़ी बड़ी प्रक्रिया पूरी हो गई है.
500 करोड़ से ज्यादा के निवेश की उम्मीद
कैबिनेट के फैसले के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, वारिसलीगंज में प्रस्तावित चीनी मिल में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की संभावना है.इस परियोजना से नवादा के साथ नालंदा, शेखपुरा और जमुई के किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई है.
किसानों को क्या फायदा हो सकता है?
चीनी मिल शुरू होने के बाद आसपास के किसानों के लिए गन्ने की बिक्री का स्थानीय बाजार उपलब्ध हो सकता है. इससे इन इलाकों में गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलने की संभावना है.
मिल शुरू होने पर गन्ने की खेती और उससे जुड़े कृषि कारोबार में गतिविधियां बढ़ सकती हैं. हालांकि, इसका वास्तविक असर मिल के निर्माण और संचालन के बाद ही साफ होगा.
रोजगार के भी बनेंगे अवसर
नई चीनी मिल के शुरू होने से क्षेत्र में सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. इसके साथ ही गन्ने की खेती, परिवहन और मिल से जुड़े दूसरे कामों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं. परियोजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद इसका वास्तविक रोजगार प्रभाव स्पष्ट होगा.
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