साइको किलर गिरफ्तार, लूटपाट के बाद यात्री को ट्रेन से फेंक देता था
वैशाली जिले के नितिन का शव बरामद करते हुए जीआरपी ने ट्रेन से अपहरण व उसके बाद हत्या के मामले का खुलासा कर लिया। इस वारदात के पीछे एक शातिर साइको किलर सामने आया है। वह कभी जीआरपी तो कभी आरपीएफ का अफसर व सिपाही बन यात्रियों को धमकाता था। रुपए वसूलने के बाद उन्हें ट्रेन से फेंक देता था। जीआरपी की एसआईटी ने उसे बनारस के पास मोहनसराय से गिरफ्तार किया। रोहित तिवारी (25 वर्ष), पिता जयराम तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी भोजपुर के बारिसवन (थाना-शाहपुर) का है।
रेल डीएसपी (दानापुर) कंचन राज ने बताया कि रोहित तिवारी आरा-डीडीयू रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेनों के दिव्यांग बोगी में खुद को पुलिसकर्मी, आरपीएफ या एसटीएफ का जवान बताता था। वह कम उम्र के मजदूर यात्रियों को टिकट चेकिंग या धूम्रपान निषेध का डर दिखाकर जुर्माने के नाम पर पैसों की मांग करता था। पैसे देने से मना करने पर वह यात्रियों के साथ मारपीट करता था और लूटपाट के बाद चलती ट्रेन से धक्का दे देता था। वैशाली जिले के महिसौर थाना अंतर्गत चांद सराय निवासी नितिन को उसने शिकार बनाया था। नितिन हैदराबाद से 07091 चर्लपल्ली-दानापुर स्पेशल फेयर स्पेशल से दानापुर लौट रहा था। उसी दौरान चलती ट्रेन में सिगरेट पीते नितिन को रोहित ने पकड़ा और फोन कराकर रुपए वसूले। बाद में आरा के पास उसे ट्रेन से धक्का दे दिया।
पकड़े जाने पर बताया- नितिन को ट्रेन से फेंक दिया हूं इस मामले में नितिन के परिजनों की शिकायत पर बक्सर रेल थाना में कांड संख्या-206/26 दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी रोहित ने बताया कि नितिन को ट्रेन से फेंक दिया हूं। उसकी निशानदेही पर आरा व जगजीवन हॉल्ट के बीच से नितिन कुमार का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान उसके पिता ने की।
जेनरल व दिव्यांग कोच के यात्रियों को निशाना बनाता था वह ज्यादातर जेनरल व दिव्यांग कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। शातिर अपराधी लूट के मोबाइल का ही उपयोग करता था। कार्बो का पैंट और पुलिस की तरह बाल की कटिंग रखते हुए रेल में घटना को अंजाम देता रहा। जेल से रिहाई के बाद 3 घटनाओं को अंजाम देकर रेल पुलिस को चुनौती दिया था।
पर्स ने खोला राज: दानापुर रेल थाने के मामले में भी था वांटेड आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसने इससे पूर्व दानापुर रेल थाना क्षेत्र (कांड सं0-265/26) में भी इसी तरह की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें कैलाश कुमार नामक यात्री की जान चली गई थी। पूर्व में बक्सर रेल थाना कांड सं0-161/24 के तहत वह 25 महीने तक न्यायिक हिरासत जेल में रह चुका था और महज 2 महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से पूर्व में मारे गए यात्री कैलाश कुमार का भूरा रंग का पर्स बरामद हुआ है। इसमें मृतक कैलाश कुमार के नाम के इंडिया पोस्ट बैंक का डेबिट कार्ड, पीएनबी एवं एसबीआई के एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, विकलांग कार्ड, वोटर आईडी कार्ड व अन्य कागजात मिले हैं। इस संबंध में रेल एसपी अनंत कुमार ने कहा कि आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जाएगी।
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