रेलवे में 3.22 लाख कर्मचारियों के पद खाली: समस्तीपुर में मंडल अधिवेशन आयोजित
समस्तीपुर,ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) का 21वां त्रिवार्षिक मंडल अधिवेशन सह सेफ्टी सेमिनार बुधवार को रेलवे परिसर स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरआर भगत ने कहा कि भारतीय रेल में वर्तमान में विभिन्न कैटेगरी के करीब 3.22 लाख पद रिक्त हैं।
इनमें अकेले रनिंग संवर्ग के 80 हजार से अधिक पद खाली हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यरत कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। रेलवे में कर्मचारियों की कमी को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। इसके बाद करीब 20 हजार कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन यह प्रक्रिया काफी धीमी है। पिछले दो वर्षों से नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
नौ घंटे से अधिक नहीं होगी ड्यूटी टाइमिंग
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि रनिंग कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को आगामी 8 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दे रहे हैं। इसके बाद रनिंग कर्मचारियों की साइनिंग और साइन-ऑफ की अवधि नौ घंटे से अधिक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दो नाइट ड्यूटी लगातार करने के बाद कर्मचारियों को अगली नाइट ड्यूटी में प्रतिनियुक्त नहीं किया जाना चाहिए। दो नाइट से उनका आशय रात 10 बजे से सुबह 10 बजे तक की ड्यूटी से है।
उन्होंने कहा कि भल्ला कमेटी की सिफारिशों के अनुसार रनिंग कर्मचारियों को रनिंग अलाउंस मिलना चाहिए। सातवें वेतन आयोग में रनिंग भत्ते को अलग-अलग प्रावधानों में बांट दिया गया है। अब आठवां वेतन आयोग आ रहा है। इसमें भल्ला कमेटी की सिफारिशों के अनुसार रनिंग कर्मचारियों को भत्ता दिया जाना चाहिए।संगठन के जोनल सेक्रेटरी अशोक रावत ने कहा कि त्रिवार्षिक अधिवेशन में मंडल की नई कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने रनिंग कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए कहा कि ईस्ट सेंट्रल रेलवे में कर्मचारियों की भारी कमी है।
वर्तमान में कम से कम 8 हजार रनिंग कर्मचारियों की आवश्यकता है। इसके बाद ही कर्मचारियों को कुछ राहत मिल सकेगी।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण लोको पायलटों को पर्याप्त आराम तक नहीं मिल पाता है। एक ट्रेन से उतरने के बाद लोको पायलट को दूसरी ट्रेन के लिए बुक कर दिया जाता है। इससे कर्मचारी मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन कर्मचारियों की कमी को दूर करे, ताकि लोको रनिंग स्टाफ सुरक्षित और संरक्षित रेल परिचालन में अपनी भूमिका निभा सके।
पर्याप्त कर्मचारी होने से ड्यूटी का दबाव कम होगा
अशोक रावत ने कहा कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपलब्ध होने से ड्यूटी का दबाव कम होगा और कर्मचारियों को उचित आराम मिल सकेगा। इससे रेल परिचालन भी अधिक सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा। अधिवेशन में देर रात तक मंडल की नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जताई गई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष आरआर भगत के अलावा केंद्रीय उपाध्यक्ष रणजीत कुमार, जोनल सेक्रेटरी अशोक रावत, जोनल अध्यक्ष डीपी श्रीवास्तव, दिलीप कुमार आरसी, पीके पप्पू, मंडल सचिव अशोक कुमार, पिनाकी नंदन, प्रजापति, रोशन सिंह, वर्जन चौधरी, निर्दोष कुमार, विजय शर्मा, मृत्युंजय कुमार, मिथिलेश कुमार ठाकुर, ऋषिकेश कुमार समेत संगठन से जुड़े बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद थे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
