हिंदी को कामकाज का माध्यम बनाकर इसके प्रयोग को बढ़ावा देने की जरूरत : प्राचार्य
दलसिंहसराय।स्थानीय रामपुर जलालपुर स्थित आरएल महतो इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत राजभाषा हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में हिंदी भाषा के महत्व, उसके व्यापक प्रयोग तथा संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पदक, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि भाषा व्यक्ति के ज्ञान, विचार और अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है। हिंदी हमारे दैनिक जीवन और सामाजिक परिवेश से गहराई से जुड़ी हुई भाषा है। उन्होंने महाविद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि अपने दैनिक कामकाज में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दें तथा अधिक से अधिक क्षेत्रों में हिंदी के व्यवहार को सुनिश्चित करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हिंदी का नियमित और सहज प्रयोग ही इसके व्यापक प्रसार को मजबूत आधार प्रदान कर सकता है।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मल कुमार चंचल ने कहा कि हिंदी देश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता के बीच संवाद और जुड़ाव की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में अपनी भूमिका निभाती रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी के संरक्षण के साथ-साथ इसके समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। राजभाषा के रूप में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि और सम्मान विकसित करने के लिए इस तरह के आयोजन उपयोगी साबित होते हैं। व्याख्याता सर्वेश सुमन ने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, भावनाओं, परंपराओं और संस्कारों से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदी की सहजता और सरलता इसे आम लोगों से जोड़ती है। विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हुए इसके समुचित प्रयोग को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
समारोह से पूर्व हिंदी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें भाषण प्रतियोगिता में खुशी जायसवाल ने प्रथम, मो. इबरार ने द्वितीय तथा अंशु कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता पाठ प्रतियोगिता में विकास कुमार, वर्षा कुमारी एवं नूतन कुमारी की प्रस्तुतियों को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। वहीं निबंध लेखन प्रतियोगिता में राखी कुमारी, कोमल कुमारी एवं अमरदीप कुमार के लेखन ने निर्णायकों को प्रभावित किया। चित्रकला प्रतियोगिता में रिया कुमारी, अंशु कुमार एवं श्रेया राज की कृतियों को उत्कृष्ट घोषित किया गया। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को समारोह के मुख्य अतिथि द्वारा पदक, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान महाविद्यालय परिसर में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता और इसके प्रयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से हिंदी के साथ-साथ अन्य भाषाओं के ज्ञान को भी विकसित करने तथा अपनी मातृभाषा एवं राजभाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से केशव कुमार चौधरी, सत्यम, डॉ. इमामुद्दीन, उमा शंकर चंदन, योगेश कुमार, नीलम कुमारी, कुमारी दीपा, रूपम कुमारी, हसन रजा अंसारी, आकांक्षा कुमारी, डॉ. आदित्य राज, प्राची अग्रवाल, पल्लव पारस, रूपक कौशल, दिनेश मिश्रा, अजय शर्मा, संतोष सुमन, रश्मि रोजी, श्वेता कर्ण, प्रशांत स्वराज, शेफाली दीक्षिता, मो. इरशाद सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
