नम आंखों से बहन ने भाई को दी मुखाग्नि,मनीषा की आंखों से बहते रहे आँसु
खगड़िया.जिस कलाई पर बहन कभी स्नेह से राखी बांधती थी, शुक्रवार को उसी भाई की चिता पर कांपते हाथों से छोटी बहन मनीषा कुमारी ने मुखाग्नि दी। चिता की लपटों के सामने खड़ी मनीषा की आंखों से बहते आंसुओं ने वहां मौजूद हर ग्रामीण का कलेजा चीर दिया।
बचपन की अनगिनत यादें और साथ खेलने-हंसने के सपने एक पल में राख के ढेर में तब्दील हो गए। जिस चौखट पर चंद रोज पहले बेटे की सफलता का जश्न था, आज वहीं से उसकी अर्थी उठी। परबत्ता थाना क्षेत्र की लगार पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-7 निवासी 15 वर्षीय नवनीत कुमार गुरुवार को गंगा नदी में आए बाढ़ के पानी में स्नान के दौरान तेज धारा में बह गया था। वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र और पूरे कुल का चिराग था। इकलौते बेटे के डूबने की खबर मिलते ही मां की चीत्कार से पूरा मोहल्ला दहल उठा। आपदा मित्रों और ग्रामीणों ने अथक प्रयास के बाद गंगा की गहराई से उसका निष्प्राण शरीर खोज निकाला।
अंचलाधिकारी हरिनाथ राम और थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया भेजा। स्कूल का गौरव था नवनीत बुझ गया इकलौता चिराग उत्क्रमित उच्च विद्यालय टिमापुर लगार का यह मेधावी छात्र हाल ही में मैट्रिक परीक्षा में स्कूल टॉपर बना था। पिता ब्रजेश यादव के सपनों का आधार नवनीत ही था। सुबह जैसे ही बदहवास पिता रोजी-रोटी कमाने वाली दिल्ली की नगरी से गांव पहुंचे, अपने कलेजे के टुकड़े का बेजान चेहरा देखते ही अचेत हो गए।दोपहर में जब श्मशान घाट पर दाह संस्कार शुरू हुआ, तो विधि के क्रूर विधान के आगे बेबस छोटी बहन मनीषा ने आगे बढ़कर भाई को मुखाग्नि दी। बहन की अश्रुपूरित विदाई और एक होनहार भाई के असमय चले जाने का यह मार्मिक दृश्य देख घाट पर मौजूद हर इंसान फफक पड़ा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
