समस्तीपुर:जघन्य अपराधों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
समस्तीपुर जिले में पुलिस विभाग की ओर से गुरुवार को शहर के कर्पूरी सभागार में समीक्षा बैठक सह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह तथा जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए.
विवेचना की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान डीआईजी ने आधुनिक अनुसंधान तकनीकों, विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने तथा आरोप पत्र दाखिल करने में होने वाली त्रुटियों को दूर करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, अपहरण, चोरी, दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे जघन्य अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा.
दो माह में पूरी करनी होगी जांच
डीआईजी ने बताया कि गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग की निगरानी में लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा.उन्होंने कहा कि आपराधिक विधि (संशोधन) अधिनियम-2018 के तहत दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों की जांच दो माह के भीतर पूरी करना अनिवार्य है. साथ ही आईटीएसएसओ पोर्टल और एसिड अटैक एमआईएस पोर्टल पर सभी मामलों का नियमित अपडेट दर्ज करने के निर्देश दिए.
थानाध्यक्षों को दी चेतावनी
डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि जिस थाना क्षेत्र में दो या उससे अधिक हत्या, लूट, दुष्कर्म अथवा चोरी की घटनाओं का समय पर खुलासा नहीं होगा, वहां के थानाध्यक्ष से सीधे शो-कॉज किया जाएगा.उन्होंने स्कूल-कॉलेजों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए.
इसके अलावा सभी एसडीपीओ को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने, गश्ती वाहनों की आकस्मिक जांच करने तथा आम लोगों की शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण करने को कहा. महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया.
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