बेकसूरों का नाम एफआईआर से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन,खानपुर थानाप्रभारी का पुतला फूंका
समस्तीपुर जिला के खानपुर थाना क्षेत्र में हुई एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का आक्रोश भड़क उठा है. अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन में शामिल युवाओं और समाजसेवियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया. जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने खानपुर थाना प्रभारी शिवपुजन कुमार का पुतला दहन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. एनएसयूआई का आरोप है कि पुलिस वास्तविक हत्यारों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है और अपनी विफलता छिपाने के लिए आंदोलन करने वाले निर्दोष लोगों को निशाना बना रही है.
संगठन के नेताओं ने कहा कि घटना के बाद स्थानीय लोग केवल न्याय की गुहार लगा रहे थे. इसी लोकतांत्रिक प्रदर्शन को आधार बनाकर पुलिस ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से संगठन के जिला उपाध्यक्ष व समाजसेवी ललन कुमार यादव सहित कई बेकसूर लोगों को नामजद कर दिया, जबकि असली कातिल अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज तथा वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए.
यदि जांच में ललन यादव और अन्य लोगों की संलिप्तता नहीं पाई जाती है, तो उनका नाम तत्काल प्राथमिकी से हटाया जाए. संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही बेकसूरों को राहत नहीं मिली और हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो एनएसयूआई आंदोलन को और तेज करते हुए डीएसपी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और आमरण अनशन शुरू करेगी. मौके पर विवेक विराट, हिमांशु शेखर, बादल यादव, दीपक सिंह कुशवाहा, राकेश यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र नेता और ग्रामीण उपस्थित थे.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
