ग्रैंड वेलकम:परिवार में बेटी हुई, 11 कारों का काफिला निकाला:ढोल-नगाड़ों पर नाचते घर पहुंचे
यूपी।हमीरपुर में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने 11कारों का काफिला निकाला। रोड पर आगे गुब्बारों से सजी गाड़ियां चल रही थीं। पीछे बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़े बज रहे थे। लोग नाचते-गाते घर तक पहुंचे।
घर पहुंचते ही परिवार की महिलाओं ने बच्ची का बैंड बाजों के साथ ग्रैंड वेलकम किया। बच्ची का जन्म 2 मई को हुआ लेकिन घर वो 11 मई को धूमधाम से पहुंची। पूरे सेलिब्रेशन का वीडियो भी सामने आया है। मामला मौदहा कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ला का है।
मौदहा कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ले में राम जी रहते हैं। राम जी कस्बे में नवीन इलेक्ट्रॉनिक नाम से प्रतिष्ठान संचालित करते हैं। उनकी पत्नी का नाम नंदिनी है। राम जी दो भाइयों मे सबसे बड़े हैं उनकी एक बहन है। उनके भाई की अभी शादी नहीं हुई है। राम जी लंबे समय से बेटी का इंतजार कर रहे थे।11 दिन पहले बच्ची का जन्म हुआ राम जी की पत्नी नंदिनी को 11 दिन पहले 2 मई को घर से 2 किमी दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिवार बेटी होने की प्रार्थना कर रहा था। उसी रात नंदिनी ने बेटी को जन्म दिया। ये खबर जैसे ही डॉक्टरों ने परिवार को दी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
वहीं, जब नंदिनी को डिस्चार्ज किया गया, तो परिवार ने जश्न मनाने का प्लान किया। अस्पताल से घर तक 11 कारों का काफिला निकाला गया। सभी गाड़ियों को पिंक और सफेद गुब्बारों से सजाया गया। डीजे की तेज धुन, ढोल-नगाड़ों की थाप, गाड़ियों की लंबी कतार और रास्ते भर नाचते-गाते लोग घर तक पहुंचे।एक गाड़ी में रामजी और उनकी पत्नी नंदिनी बच्ची को लेकर बैठीं, जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए।
दादा ने पोती के लिए कराई 30 हजार रुपए की एफडी
वामिका की दादी ममता गुप्ता ने बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन बेटी के जन्म के बाद घर की परिस्थितियों में सुधार हुआ। अब नातिन वामिका के जन्म से परिवार में फिर खुशियों का माहौल है। उन्होंने कहा कि घर में दोबारा लक्ष्मी आई है, इसलिए उसका स्वागत धूमधाम से किया गया।वहीं, बाबा रामप्रकाश गुप्ता ने वामिका के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसके नाम 30 हजार रुपये की एफडी कराई है। उन्होंने कहा कि यह राशि आगे चलकर उसकी पढ़ाई और जरूरतों में काम आएगी।
दादी ने खुशी-खुशी कहा- बेटी आते ही घर मे रौनक या गई उन्होंने दुलारते हुए बच्ची को आशीर्वाद दिया और कहा कि बेटी के आने से घर में नई रौनक आ गई है। परिवार में यह खुशी दोगुनी हो गई, क्योंकि लंबे समय से बेटी का इंतजार था।
लोग बोलें पहली बार ऐसा ग्रैंड वेलकम देखा
आस पास के लोगों ने कहा की हमीरपुर जिले में बेटी के जन्म पर इतना बड़ा, इतना खुला और जोश वाला जश्न बहुत दिनों बाद देखा। ऐसा जश्न समाज की सोच को बहुत तेजी से बदल सकता है। यह संदेश है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि खुशियों की सबसे बड़ी वजह हैं।बच्ची के पिता रामजी ने कहा कि बेटियों के जन्म पर समाज को खुशियां मनानी चाहिए, क्योंकि बेटियां मां-बाप की सेवा और सम्मान में हमेशा आगे रहती हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
