बेगूसराय में खुलेगा बिहार का दूसरा NIFT,शिक्षा से समृद्ध होता बिहार
बेगूसराय.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की पहली बैठक ने युवाओं और फैशन जगत में करियर बनाने की चाहत रखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने बेगूसराय में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में स्थित 20 एकड़ जमीन को उद्योग विभाग को नि:शुल्क और स्थायी रूप से हस्तांतरित करने की स्वीकृति दे दी।
गिरिराज सिंह इस पर कहा है कि नई ऊंचाइयों को छूने के लिए शहर तैयार है। शिक्षा से बिहार समृद्ध हो रहा है।
होगा मुफ्त हस्तांतरण
जारी आदेश के अनुसार बेगूसराय जिला के बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में स्थित खाता संख्या-261 और खेसरा संख्या-890 की जमीन को इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। यह जमीन गैरमजरूआ खास श्रेणी की है।आमतौर पर ऐसी बेशकीमती जमीनों के हस्तांतरण में लंबी प्रक्रिया और भारी शुल्क शामिल होता है, लेकिन शिक्षा और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए बिहार सरकार ने इसके नि:शुल्क स्थायी हस्तांतरण की मंजूरी दी।
अब यह जमीन राजस्व विभाग से सीधे उद्योग विभाग बिहार के पास चली जाएगी, जो इस संस्थान के निर्माण की नोडल एजेंसी है। पटना के बाद बेगूसराय में NIFT का आना जिले की प्रोफाइल को पूरी तरह बदल देगा। यह न केवल बेगूसराय बल्कि उत्तर बिहार के फैशन डिजाइनर बनने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा। कैंपस के निर्माण और उसके संचालन से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
बिहार का दूसरा NIFT होगा
बिहार की सिल्क और टेक्सटाइल विरासत को इस संस्थान के माध्यम से नई पहचान मिलेगी। छात्र स्थानीय कला को वैश्विक मंच पर ले जा सकेंगे। फिलहाल बिहार में NIFT का एकमात्र कैंपस पटना के मीठापुर में स्थित है। बेगूसराय में इसकी स्थापना से राज्य में फैशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई के लिए सीटें बढ़ेंगी। बरौनी की भौगोलिक स्थिति रेलवे और रोड कनेक्टिविटी इसे इस संस्थान के लिए एक आदर्श जगह बनाती है।
BIADA को मिल सकती है बनाने की जिम्मेदारी
मल्हीपुर में प्रस्तावित 20 एकड़ की जमीन पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट कैंपस बनाने की तैयारी है। उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। शुरुआती बुनियादी ढांचे के लिए करोड़ों का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी होगी। हॉस्टल, डिजाइन स्टूडियो, अत्याधुनिक लैब और एक विशाल ऑडिटोरियम इस कैंपस का मुख्य आकर्षण होंगे।
सिल्क सिटी के रूप में उभरेगा बेगूसराय
NIFT का यहां आना केवल एक संस्थान का खुलना नहीं है, बल्कि बेगूसराय को भागलपुर की तर्ज पर सिल्क सिटी के रूप में विकसित करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। संस्थान का मुख्य ध्यान हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और एग सिल्क (Egg Silk) उद्योग पर होगा। इससे स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को वैश्विक डिजाइन के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। स्थानीय छात्रों के लिए अब दिल्ली या पटना जैसे शहरों का रुख करना अनिवार्य नहीं होगा।
दो साल तक हर्ल टाउनशिप में होगा संचालन
लक्ष्य है कि 2028 तक छात्र अपने स्थायी परिसर में शिफ्ट हो सके। जब तक मल्हीपुर में NIFT का अपना भव्य स्थायी कैंपस बनकर तैयार नहीं होता, तब तक इसकी शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां HURL (हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड) टाउनशिप से संचालित की जाएगी। अगले दो साल के लिए यहीं से प्रशिक्षण और शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू करने की योजना है। इसके लिए करीब 90 हजार वर्ग फुट जगह चिन्हित किया गया है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
