दलसिंहसराय:90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया
दलसिंहसराय,प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डैनी चौक स्थित सेवाकेंद्र कल्याणकारी भवन में 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया.उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन द्वारा प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ सीपी गुप्ता, डॉ राजीव कुमार, समस्तीपुर से पधारे कृष्ण भाई, सविता बहन,सतीश चांदना एवं सुशील चमड़िया द्वारा सामूहिक रूप से किया गया.अतिथियों का बुके, बैज एवं शब्दों से स्वागत पूजा बहन ने किया. कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी सोनिका बहन ने किया.
इस दौरान कृष्ण भाईजी ने कहा कि शिव जयंती परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण का महान् यादगार पर्व है.जिसके लिए गायन है ज्ञान सूर्य प्रगटा, अज्ञान अंधेर विनाश.जब विश्व में विकारों के कारण अज्ञानता की अंधियारी रात छा जाती है,तब ज्ञान सूर्य परमात्मा आकर सत्य ज्ञान का प्रकाश देते हैं जिससे अज्ञानता का अंधकार छंटता जाता है और मनुष्य आत्माएं फिर से पावन व स्वच्छ बन जाती हैं.यह सृष्टि भी सतोप्रधान स्वर्ग बन जाती है जिसमें देवी- देवताओं का वास होता है.अन्य वक्ताओ ने कहा कि परमात्मा शिव त्रिकालदर्शी हैं क्योंकि वे सृष्टि के आदि-मध्य-अंत – तीनों को देखने अर्थात् जानने वाले हैं.त्रिमूर्ति, त्रिकालदर्शी, त्रिलोकीनाथ शिव बाबा का तीन संदेश है- बीती को बिंदी लगाओ, स्वयं को बिंदी आत्मा समझो और मुझ बिंदी परमात्मा को याद करो तो मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त कर 21 जन्मों के लिए सुख-शांति-समृद्धि से संपन्न राज्य दूंगा.
सविता बहन ने कहा- शिवलिंग पर भांग- धतूरा- अक आदि विषैली चीजें चढ़ाने का तात्पर्य यह है कि परमात्मा शिव हम आत्माओं के अंदर विषय-विकार रूपी विषैली चीजों को निकालते हैं और बदले में हमें दिव्य गुणों की मूर्ति बना देते हैं.इसकी सहज विधि राजयोग है,जो स्वयं परमात्मा आकर हमें सिखा रहे हैं.अंत में शिव ध्वजारोहण किया गया व सभी से इस मौके पर शुभ संकल्प करवाए गए.उक्त स्थान पर तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रदर्शनी एवं मेडिटेशन शिविर का आयोजन प्रातः10 से संध्या 5 बजे तक किया जा रहा है.मुख्य रूप से विद्या सागर ,शैलेंद्र, सुमित चमड़िया सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
