वसूली कराने पर लगेगी रोक,सरकार ला रही है कानून, माइक्रो फाइनेंस एक्ट का ड्राफ्ट वित्त विभाग से मंजूर
पटना.कर्ज देकर डर का धंधा चलाने वालों पर बिहार में अब संकट का साया होगा। गुंडों से वसूली कराने पर रोक लगाने के लिए बिहार सरकार पहली बार माइक्रो फाइनेंस एक्ट लाने जा रही है। सूद की मार से आत्महत्या के लिए मजबूर लोगों की सुनवाई के लिए हर जिले में स्पेशल कोर्ट बनाए जाएंगे।
इन विशेष अदालतों के प्रधान फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट होंगे। माइक्रो फाइनेंस से जुड़े प्रस्तावित कानून के ड्राफ्ट को वित्त विभाग की मंजूरी मिल चुकी है। इसे सहमति के लिए राज्य मंत्रिपरिषद को भेजा गया है। सरकार इसे 2 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में पेश करने की तैयारी में है। विधेयक पारित होने के बाद यह कानून के रूप में लागू होगा। शेष पेज 15 पर
बिहार में 2 करोड़ से अधिक माइक्रो फाइनेंस कर्जदार
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की सेल्फ रेगुलेटरी ऑर्गेनाइजेशन सा-धन के अनुसार, बिहार में देश में सबसे अधिक 2 करोड़ 2 लाख लोन अकाउंट हैं। राज्य में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का कुल कर्ज 57 हजार 712 करोड़ रुपए है। औसतन प्रति कर्जदार 28 हजार 525 रुपए की देनदारी है। पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर माइक्रो फाइनेंस कर्ज के सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।
अनुमति बिना कर्ज देने पर होगी कार्रवाई
बिहार में कर्ज देने से पहले माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी। रिजर्व बैंक से लाइसेंस होने के बावजूद यह अनुमति अनिवार्य होगी। प्रस्तावित कानून में सांस्थिक वित्त निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। आरबीआई से लाइसेंस मिलने के बाद कंपनियों को बिहार में कारोबार शुरू करने से पहले सांस्थिक वित्त निदेशक से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद 90 दिनों में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होगी।
सूदखोरों की रंगदारी नहीं चलेगी, जान बचेगी
दिसंबर में मुजफ्फरपुर के सकरा में अमरनाथ राम ने अपने तीन बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली। वे भी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट के दबाव से परेशान थे।समस्तीपुर में गुड़िया देवी ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली। पति पिंटू गोस्वामी राज मिस्त्री है। बाहर रहते थे। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट के दबाव में गुड़िया ने आत्महत्या की।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
