समस्तीपुर सदर अस्पताल में सिर्फ 2 ही सिलेंडर: लकड़ी पर बनेगा मरीजों का खाना
समस्तीपुर सदर अस्पताल के कैटींन (दीदी की रसोई) में अभी 2 सिलेंडर उपलब्ध है, जो एक सप्ताह तक चेलगा। ऑडर देने पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुआ तो मरीजों को जलावन पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। किल्लत को देखते हुए कुछ दिनों के लिए इस रसोई को आम लोगों के लिए बंद किया जाएगा। सिर्फ सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही नास्ता-भोजन दिया जाएगा।
ये जानकारी सदर अस्पताल के रसोई केंद्र की मैनेजर पवन कुमारी देवी ने दी है। पवन कुमारी देवी ने बताया कि रसोई घर के पास आठ सिलेंडर उपलब्ध है। जिसमें 4 खाली है। 2 लगा हुआ है। जबकि 2 सिलेंडर अभी स्टॉक में है।
मरीजों के परिजन को भी सस्ते में मिलता भोजन
पवन के अनुसार सदर अस्पताल के मरीजों के साथ ही अस्पताल आने वाले अन्य लोगों को भी सस्ते दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है। जिसमें अस्पताल के कर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दिक्क्त को देखते हुए दीदी की रसोई को कुछ दिनों के लिए आम लोगों के लिए बंद किया जाएगा, ताकी मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
रसोई की मैनेजर ने कहा कि किसी कारण से अगर सिलेंडर नहीं उपलब्ध होता है तो सिर्फ मरीजों को जलावन पर बना कर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए व्यकल्पिक जगह भी देखी जा रही है। जहां जरूरत पर जलावन का चूल्हा बनाया जा सके।कोयला कारोबारी राजकिशोर राय ने कहा कि मैं लंबे समय से कोयला का कारोबार करता हूं। समान्य रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध होने के कारण कोयला कि बिक्री कम होती थी। इधर, दस दिनों से कॉमशियल सिलेंडर की किल्लत के कारण कोयले की डिमांड बढ़ी है।
अब औसतन 3-4 क्विटंल तक कोयला की बिक्री हो रही है। रेट में कोई अंतर नहीं आया है। कई साल से 1800 रुपए क्विटंल बिक्री होती है। ज्यादातर छोटे दुकानदार खरीदारी करते है। इन दिनों लग्न में मांग बढ़ी है।
सिलेंडर की किल्लत के कारण जलावन की भी मांग बढ़ी है। स्टेशन रोड में जलावन बेचने वाले अशोक कुमार ने बताया कि किल्लत से पहले एक से 2 क्विंटल तक जलावन बेचते थे, लेकिन एक सप्ताह से 3 से 4 क्विटंल तक बिक्री हो रही है। रेट में अंतर नहीं आया है। लंबे समय से 10 रुपए किलो बिक्री होती है। कोई क्विटंल में लेता है 900 रुपए तक देते हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
