पुनौराधाम में माता सीता मंदिर के निर्माण की गति तेज,जलनिकासी के लिए मास्टर ड्रेनेज योजना
पटना।सीतामढ़ी.माता सीता की प्राकट्य स्थली पुनौराधाम में भव्य मंदिर निर्माण और समग्र क्षेत्रीय विकास की महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। परियोजना के पहले चरण में मंदिर निर्माण के लिए चिन्हित और अधिग्रहित भूमि की घेराबंदी का कार्य तेजी से किया जा रहा है। ताकि पूरे परिसर को सुरक्षित रखा जा सके और निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। मंदिर निर्माण में आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर उच्च क्षमता वाले बैचिंग प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी मदद से कंक्रीट का मिश्रण बड़े पैमाने पर और सटीक अनुपात में तैयार किया जाएगा।
प्रशासन और निर्माण एजेंसियों ने इस पूरी परियोजना को पूरा करने के लिए 42 महीनों की समय सीमा निर्धारित की है। इस अवधि के भीतर मंदिर के मुख्य ढांचे के साथ-साथ आसपास के विकास कार्यों को भी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी के लिए एक प्रोग्रेस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। इससे परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने में मदद मिलेगी। परियोजना के तहत केवल मंदिर निर्माण ही नहीं, बल्कि आसपास के बुनियादी ढांचे का भी व्यापक विकास किया जाएगा। मंदिर परिसर तक पहुंचने वाली सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
ये है पुनौरा धाम के विकास की योजना बताते चलें कि बीते 1 जुलाई को कैबिनेट ने पुनौरा धाम में मंदिर निर्माण के लिए 882.87 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी थी। इस राशि में से 137 करोड़ रुपए से जानकी मंदिर का निर्माण किया जाएगा, 728 करोड़ से पर्यटन से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होना है। 10 वर्षों तक इसके रख-रखाव पर 16.62 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
मंदिर के पास मिथिला हाट भी विकसित होगा निर्माण एजेंसी के डीजीएम विनोद राय ने बताया कि मंदिर के मुख्य द्वार के पास मिथिला हाट विकसित करने का प्रस्ताव है। हाट में 50 से अधिक स्टाल होंगे, जिनमें मिथिला की कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। यह हाट न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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