फोन पर प्यार, 5वीं की स्टूडेंट को प्रेमी लेकर फरार:नवजात के साथ जोड़ा बरामद
पटना.भोजपुर में के उदवंतनगर के चकिया गांव के रहने वाले दोनों पैरों से दिव्यांग ने 5वीं की छात्रा को प्यार के जाल में फंसा लिया। अपनी बातों में फंसाकर उसे 2 साल पहले दिल्ली ले गया और उससे शादी कर ली। नाबालिग के गायब होने के बाद उसके परिजन ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस दो साल से नाबालिग और दिव्यांग को तलाश कर रही थी, लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा था।
नाबालिग के प्रेग्नेंट होने और होली में दिव्यांग अपने साथ नाबालिग को लेकर घर आया। नवादा थाना की पुलिस को इसकी सूचना मिली, फिर दिव्यांग को नाबालिग के साथ पकड़ा। फिलहाल, दिव्यांग को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नाबालिग को नवजात के साथ उसकी मां को सौंप दिया है।
आरोपी दिव्यांग की पहचान लालबाबू सिंह के बेटे नीरज कुमार (30) के रूप में हुई है। 15 साल की नाबालिग लड़की का ननिहाल आरोपी के गांव में है। मई 2024 में नाबालिग मामा के घर आई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात नीरज कुमार से हुई।नाबालिग उस वक्त 5वीं की छात्रा थी। नीरज पेशे से ऑटो ड्राइवर था, लिहाजा स्कूल आने जाने के दौरान नाबालिग की मुलाकात नीरज से होती थी। नाबालिग को नीरज अपने ऑटो से ही स्कूल पहुंचाता था और वापस भी लेकर आता था।
इसी दौरान नीरज ने नाबालिग को अपने प्यार के जाल में फंसाने की साजिश रची। फिर छात्रा के ही रिश्ते में लगने वाले एक युवक से नाबालिग का मोबाइल नंबर ले लिया और उसे कॉल करने लगा। पहले तो नाबालिग ने बातचीत से इनकार किया, लेकिन धीरे-धीरे नाबालिग नीरज की बातों में आ गई।जब नीरज को लगा कि नाबालिग को भरोसे में ले लिया है तो उसने प्यार का इजहार कर दिया। प्यार के इजहार तक नाबालिग को नहीं पता था कि नीरज कौन है, कैसा दिखता है। क्योंकि दोनों की फोन पर ही बात होती थी।
नीरज ने छात्रा को दिल्ली घूमाने की बात कहकर स्टेशन पर बुलाया
प्यार के इजहार के बाद नीरज ने नाबालिग से कहा कि अब तुम मुझसे प्यार करती हो, तुमने मुझे देखा भी नहीं है, मेरे साथ दिल्ली चलोगी। पहले छात्रा ने इनकार किया, फिर नीरज ने उसे अपनी बातों में उलझाया और कहा कि घूमकर वापस आ जाएंगे, बता देना कि सहेली के घर गई थी। थोड़ा बहुत डांट खाओगी, लेकिन कोई कुछ नहीं करेगा।
नीरज की बातों में आने के बाद नाबालिग पूरी प्लानिंग के साथ घर से निकलकर आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची और फोन कर अपना लोकेशन बताया। इसके बाद जैसे ही नीरज उसके सामने पहुंचा, उसे देखकर वो हैरान हो गई। नाबालिग ने देखा कि मैं जिससे बात करती हूं, जिससे प्यार करती हूं, वो दोनों पैरों से दिव्यांग है।नाबालिग जब लौटकर घर जाने लगी तो नीरज ने उसे रोका और इमोशनल ब्लैकमेल कर उसे अपने साथ दिल्ली लेकर चला गया। रास्ते में उसने फोन पर किए गए कसमों, वादों को याद दिलाया। दिल्ली पहुंचने के बाद किराए का कमरा लिया और नाबालिग की मांग में सिंदूर भरकर पत्नी बनाकर रहने लगा। पिछले साल मई-जून में नाबालिग प्रेग्नेंट हो गई।
नीरज को लगा कि समय गुजर चुका है, दो साल हो चुके हैं। नाबालिग प्रेग्नेंट भी है। इसका ख्याल रखने वाला कोई आदमी चाहिए। नीरज नाबालिग को लेकर घर आ गया। एक महीने पहले नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म दिया।
नीरज ने कहा- दिल्ली हाई कोर्ट में शादी की है
नीरज कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि मेरे घर के बगल में ही मेरी पत्नी का ननिहाल है। मैं उसे पसंद करता था। हम दोनों में प्यार हुआ, फिर लड़की को दिल्ली ले जाकर शादी कर ली। आरोपी ने कहा कि मैंने लड़की से दिल्ली हाई कोर्ट में शादी की है। प्यार करने के लिए पैसा खर्चा करना पड़ता है। ऑटो चलाता था, उसी समय मेरे ऑटो से लड़की स्कूल आती-जाती थी। पहली नजर में ही मुझे प्यार हो गया था।आरोपी ने कहा कि लड़की की मर्जी से उसे मैं दिल्ली लेकर गया था। शादी करने के बाद कंपनी में काम कर अपना परिवार चलाता था। इसी बीच जब हम गांव आए थे, तभी मेरी पत्नी छत पर गई थी। इसी दौरान उसके मामा के घर के लोगों की नजर उस पर पड़ी और फिर पुलिस को सूचना देकर हम लोगों को पकड़वा दिया गया।
नाबालिग बोली- फोन पर ही मुझे नीरज से प्यार हो गया था
वहीं, नाबालिग ने बताया कि दो साल पहले 2024 में हम दोनों ने फोन पर बात करना शुरू किया था। हम दोनों की मुलाकात कभी नहीं हुई थी। न ही मुझे अपना सही पता बताया था, लेकिन फोन पर ही मुझे नीरज से प्यार हो गया था। हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत चाहते हैं। जीने मरने तक की कसम खाई है।नाबालिग ने बताया कि पहली बार भागने के दौरान आरा स्टेशन पर नीरज मुलाकात हुई थी। नीरज को पहली बार देखने के बाद थोड़ा बुरा लगा था। लेकिन मैं उससे प्यार करती थी। नीरज ने मुझसे कहा कि जिंदगी में तुम्हें कभी किसी बात का दुख नहीं होने दूंगा। पैर से विकलांग हूं तो क्या हुआ, हर खुशी तुम्हें दूंगा। इसी बात को लेकर मैं नीरज के साथ दिल्ली भाग गई, वहीं शादी कर ली और साथ रहने लगी। मैं अपनी मर्जी से नीरज के साथ गई थी।
केस की IO बोली- आरोपी लगातार ठिकाने बदलता था
वहीं, इस केस के अनुसंधानकर्ता सीमा किरण ने बताया कि लड़की मई 2024 में भागी हुई थी। परिवार वालों को शक था कि उसके ही पाटीदार के लड़कों ने उसे भगाया है। दो महीने बाद भी लड़की जब बरामद नहीं हुई तो नाबालिग की मां ने जुलाई 2024 नवादा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।लड़की के परिवार को भी शक नहीं था कि पैर से दिव्यांग नीरज ने उनकी बेटी को भगाकर ले गया है। तकनीकी अनुसंधान एवं मोबाइल पर हुई बात के आधार पर कॉल ट्रेस में नीरज का नाम आया था। जब लड़की की मां से पूछा गया कि नीरज कौन है, तो उसने बताया कि उनके मायके के बगल में रहता है, दोनों पैर से दिव्यांग है। उसके बाद जांच में तेज़ी लाई गई।
सीमा किरण ने बताया कि आरोपी युवक को पता चल गया था कि उसके पीछे पुलिस लगी हुई है। आरोपी बराबर अपना ठिकाना बदलता था। आखिरकार 2 साल बाद नीरज को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। नाबालिग को उसके नवजात बच्चे के साथ बरादम कर मेडिकल कराया गया। फिर कोर्ट में बयान दर्ज कराकर उसे उसकी मां को सौंप दिया गया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
