चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से,कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त सुबह से दोपहर 2:59 बजे तक
समस्तीपुर.भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है। इसी दिन से अर्थात चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नववर्ष विक्रम संवत का प्रारंभ होता है। इस वर्ष के राजा गुरु होंगे। इसके फलस्वरुप वर्ष में ज्ञान-विज्ञान और सात्विक प्रवृतियों की ओर जन-जीवन का रुझान रहेगा। विश्व भर में युद्ध जैसे गतिविधियों में कमी आएगी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च को प्रात: 6:50 बजे के उपरान्त है। प्रतिपदा तिथि में ही चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहा है। कलश स्थापन प्रात:6:50 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। कलश स्थापन प्रात:काल से दिन के 2:59 बजे तक किया जा सकता है।
समस्तीपुर के भागवत कथा वाचक पंडित विजयशंकर झा के अनुसार नवरात्र में देवी दुर्गा का आगमन गुरुवार को हो रहा है। गुरुवार को कलश स्थापन होने से जगतजननी दुर्गा डोली पर आ रही हैं। डोली पर आने के कारण सामान्यत: जनहानि और युद्ध जैसी स्थिति रहेगी। माता का गमन विजयादशमी शनिवार को हो रहा है। शनिवार होने से माता मुर्गा पर जाएगी। इसके कारण लोगों में व्याकुलता जैसी स्थिति रहेगी। नवरात्र में माता दुर्गा की आराधना से भक्तों के सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
22 को नहाय-खाय के साथ चैती छठ होगा शुरू चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष में मनाए जाने वाले चार दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत 22 मार्च (रविवार) को नहाय-खाय से प्रारंभ हो जाएगा। 23 मार्च(सोमवार) को खरना पूजा होगी। 24 मार्च (मंगलवार) को अस्ताचलगामी सूर्यदेव को सायंकालीन अर्घ प्रदान किया जाएगा। 25 मार्च(बुधवार) को सप्तमी तिथि में उगते हुए सूर्यदेव को प्रात:कालीन अर्घ प्रदान किया जाएगा। इसी के साथ चार दिवसीय छठ व्रत -पूजा पूर्ण होगी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का अवतार दिवस रामनवमी 27 मार्च शुक्रवार को मनाया जाएगा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
