चाचा ने भतीजे का अपहरण कर मांगा 3 लाख:रची साजिश, 11 वर्षीय बालक बरामद
हाजीपुर के बिदुपुर थाना क्षेत्र के मजलिसपुर गोखुला गांव में सोमवार को एक 11 वर्षीय बालक के अपहरण और फिरौती का मामला सामने आया। पुलिस दिनभर इस मामले को सुलझाने में जुटी रही। देर शाम बालक को बरामद कर लिया गया, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने बालक से विस्तृत पूछताछ के बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया।
संबंधित गांव के बृज किशोर की पत्नी ने ग्रामीणों को बताया कि उनका 11 वर्षीय बेटा सोमवार को स्कूल गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें अपहरणकर्ताओं ने तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही धमकी दी गई कि अगर पुलिस को सूचना दी तो बच्चे की हत्या कर दी जाएगी।
पिता दिल्ली में करते है काम
अपहृत बालक के पिता दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली से ही बिदुपुर थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को फोन पर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी।देर शाम पुलिस की सक्रियता और जांच को देखते हुए बालक का चचेरा भाई उसे लेकर थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि वह बच्चे को ढूंढ रहा था और उसे जहुआ स्थित एक दवा की दुकान पर बैठा मिला, जहां से वह उसे थाने ले आया।
बच्चे को चाचा ने किया था किडनैप
थाने पहुंचने पर बालक ने पुलिस को बताया कि उसके चाचा दीपक कुमार उसे बाइक से स्कूलपुर से ले गए थे। उसने आरोप लगाया कि चाचा उसे दूर जंगल में ले गए, जहां उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर, हाथ-पैर बांधकर उसकी पिटाई की गई। बालक के सामने ही उसकी मां को फोन कर फिरौती की रकम मांगी गई। बालक ने बताया कि वह किसी तरह वहां से निकलकर बाजार पहुंचा।
हालांकि, थाने में एक घंटे बाद बालक अपने पहले बयान से मुकर गया। पुलिस ने जब उससे गहनता से पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आई। पता चला कि बालक के चाचा दीपक और छोटू नामक व्यक्ति दोनों अवैध शराब और ड्रग्स के धंधे से जुड़े हैं। बालक को भी सूखे नशे की लत लगा दी गई थी।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दीपक और छोटू के बीच इन दिनों अनबन चल रही थी, जिसके चलते यह अपहरण और फिरौती का पूरा षड्यंत्र रचा गया था। पुलिस ने इस मामले को सुलझा लिया है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
