समस्तीपुर के मजदूर की दिल्ली के मेनहोल में गिरकर मौत:होली पर घर आता..
समस्तीपुर.दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-32 में खुले मेनहोल में गिरकर एक मजदूर की जान चली गई। आज इसका शव मिला है। ये 32 साल का युवक समस्तीपुर के वारिसनगर थाना क्षेत्र के शादीपुर बथनाहा वार्ड-13 निवासी स्वर्गीय जुगल राय का बेटा बिरजू राय है। कल ही इसकी पत्नी से बात हुई थी,जिसमें इसने कहा था कि 5 हजार की मजदूरी हुई है और होली पर मैं कर आऊंगा।
बिरजू की मौत की सूचना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है। पति की मौत की जानकारी जब से उसकी पत्नी सुचिता को मिली है। वह गुम होकर बच्चों के साथ बैठी है। सुचिता ने बताया कि सोमवार को दिन के करीब डेढ बजे बिरजू से बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि आज ही पांच हजार रुपए मजदूरी मिली है। पैसा लगा दूंगा। मैं होली पर घर आउंगा। घर के हालचाल के बाद उन्होंने फोन कट कर दिया। बाद में रात में उनकी मौत की खबर आयी। अब तीन बच्चा और बूढी सास को कौन देखेगा।
मृतक के पड़ोसी बलराम ने बताया कि गांव के कई लोग दिल्ली में काम करते हैं। जिसके माध्यम से सूचना मिली कि बिरजू लापता हो गया है। उसका अपहरण हो गया है। बाद में जानकारी मिली कि बिरजू मेनहोल में गिर गया है, जिससे उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने बताया कि करीब 20 साल पहले, जब बिरजू महज 10 सालों का था, तभी उसके पिता जुगल राय का निधन हो गया था।पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी कम उम्र में ही बिरजू के कंधों पर आ गई। घर की माली हालत ठीक नहीं थी। पढ़ाई बीच में ही छूट गई और किशोर उम्र में ही बिरजू रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली चला गया। वहां मजदूरी कर वह अपनी मां, पत्नी और बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था।
सोमवार रात साथी के साथ लौटने के दौरान हादसा हुआ
बताया गया है कि सोमवार रात वह अपने साथी के साथ लौट रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह खुले गटर में जा गिरा। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद उसका शव बरामद किया गया।बिरजू की बूढ़ी मां, जिसने पति की मौत के बाद मजदूरी कर बेटे को पाला-पोसा, आज बेसहारा हो गई हैं। “पहले पति का सहारा छिना, अब बेटा भी चला गया। बुढ़ापे में अब किसके भरोसे जिएंगी कटेगी। बिरजू अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिवार की आय का एकमात्र जरिया वही था।
आठ महीना पहले गया था दिल्ली
परिवार के लोगों ने बताया कि बिरजु 8 महीने पहले समस्तीपुर से दिल्ली गया था। जबकि वह 8 साल से दिल्ली में रह रहा था। उसके पास घर के अलावा जोत की जमीन नहीं है। मां दूसरे के खेतो में काम करती थी। पास के ही प्राइमरी स्कूल में मिड डे मिल बनाने के लिए जाती थी। लेकिन कुछ पहले उसे वहा से हटा दिया गया। उसका परिवार अब कैसे चलेगा यह बड़ा सवाल है। गांव लोगों ने दिल्ली सरकार से उचित मुआवजरा की मांग की है। ताकि परिवार भरन पोषण हो सके।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
