मां की जलाकर हत्या मामले में बेटे को आजीवन कारावास:डेढ़ साल बाद सुनाया फैसला
पटना.अररिया व्यवहार न्यायालय ने मां की हत्या के मामले में पुत्र शंकर मंडल (50) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने यह फैसला करीब डेढ़ साल पहले बरदाहा थानाक्षेत्र में हुई घटना पर सुनाया। शंकर मंडल पर जमीन विवाद में अपनी मां की जलाकर हत्या करने का आरोप था।
अदालत ने दोषी शंकर मंडल पर 60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड, तथा धारा 201 के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
प्राथमिक विद्यालय से 100 मीटर दूर मिला था शव
यह मामला बरदाहा थाना क्षेत्र के सतबेर वार्ड संख्या सात का है। 13 मई 2024 को फेकनी देवी का जला हुआ शव प्राथमिक विद्यालय सतबेर से लगभग सौ मीटर की दूरी पर मिला था। इस संबंध में बरदाहा थाना में कांड संख्या 36/2024 दर्ज किया गया था। यह सत्रवाद संख्या 697/2024 से संबंधित है।पुलिस ने मामले की जांच के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। इसके आधार पर शंकर मंडल के खिलाफ साक्ष्य जुटाए गए और 30 अक्टूबर 2024 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले में शंकर मंडल की पत्नी वीणा देवी भी आरोपित हैं, जिनके खिलाफ विचारण अभी विचाराधीन है।
हत्या से पहले भी किया था जख्मी
हत्या से पहले भी शंकर मंडल ने अपनी मां को जमीन विवाद में सिर पर प्रहार कर बुरी तरह जख्मी कर दिया था। मामले में वह जेल भी गया था और घटना से एक माह पहले ही जेल से रिहा होकर आया था। जिसके बाद निर्मातापूर्वक जिंदा जलाकर हत्या करने जैसी घटना को अंजाम दिया।अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रभा कुमारी और हत्यारोपित की ओर से अधिवक्ता छंगुरी मंडल और किशोर कुमार श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष अपनी अपनी दलीलें रखी। जिसे सुनने के बाद एडीजे चतुर्थ कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
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