मनरेगा नाम परिवर्तन,फंड कटौती के खिलाफ दलसिंहसराय में कांग्रेस का धरना
दलसिंहसराय : मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन, केंद्र सरकार की फंड कटौती और ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों पर हमले के खिलाफ दलसिंहसराय प्रखंड कार्यालय परिसर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना दिया।
प्रखंड अध्यक्ष सुशीला सिंह की अगुवाई में आयोजित एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरने में सैकड़ों ग्रामीण मजदूरों ने भाग लिया। उन्होंने नारेबाजी कर केंद्र की नीतियों का विरोध जताया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के माध्यम से बिहार के राज्यपाल को मांग-पत्र सौंपा गया।कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, सचिव उदयकेतु चौधरी, मंगललाल सह, शंकर साह, फैज अहमद फैज, मणिकांत चौधरी, मो. शाहिद हुसैन और गोपाल प्रसाद आदि नेताओं ने मनरेगा को ग्रामीणों के लिए काम की गारंटी, गरिमापूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय का संवैधानिक आधार बताया। उन्होंने केंद्र की नीतियों को योजना के मूल उद्देश्य से भटकाने वाला करार दिया। नेताओं का कहना था कि नाम बदलना ऐतिहासिक पहचान को कमजोर कर रहा है, जबकि फंड घटने से राज्य सरकारों पर बोझ बढ़ा है।
इससे काम की उपलब्धता कम हुई, मजदूरी भुगतान में देरी हो रही और क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।मांग-पत्र में प्रमुख मांगें की गईं- मनरेगा के तहत काम-मजदूरी की वास्तविक व समयबद्ध गारंटी सुनिश्चित हो। योजना में श्रमिक-विरोधी बदलाव तत्काल वापस लें, मूल नाम ‘मनरेगा’ बहाल करें। केंद्र का वित्तीय अंशदान पूर्ण हो, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन तय हो।
संवैधानिक संरक्षण बहाल कर जवाबदेही व्यवस्था लागू हो।एक नेता ने चेतावनी दी, “ग्रामीण मजदूरों का हक संवैधानिक कर्तव्य है। मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा।” बीडीओ ने पत्र प्राप्त कर उच्चाधिकारियों को सूचित करने का आश्वासन दिया। जिला समस्तीपुर के इस अनुमंडल में धरना ग्रामीण असंतोष को उजागर करता है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
