बेगूसराय में होमगार्ड बहाली में धांधली में जिला कमांडेंट सस्पेंड:विभाग ने लिया एक्शन
बेगूसराय.बिहार में सरकारी बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर नीतीश सरकार सख्त नजर आ रही है। ताजा मामला बेगूसराय जिले से जुड़ा है, जहां गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के चयन में पाई गई गंभीर अनियमितताओं के आरोप में गृह विभाग ने जिला समादेष्टा अखिलेश कुमार ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल, बिहार गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय पटना द्वारा जारी विज्ञापन संख्या-01/2025 के तहत बेगूसराय में होमगार्ड नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इस प्रक्रिया के दौरान अंतिम मेधा सूची (Merit List) के प्रकाशन में भारी गड़बड़ी और अनियमितता सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 अक्टूबर 2025 को उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था।
कार्यालय
समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि प्रमंडलीय समादेष्टा-सह-बेगूसराय के जिला समादेष्टा अखिलेश कुमार ठाकुर द्वारा नामांकन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्य किए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने अखिलेश कुमार ठाकुर को बिहार सरकारी सेवक नियमावली- 2005 के नियम-9 (1) (क) एवं (ग) के तहत दोषी माना है।आदेश के अनुसार अखिलेश कुमार ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय बेगूसराय से हटाकर महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं पटना कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बहाली जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की सेटिंग या धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संयुक्त सचिव उपेंद्र प्रसाद के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाएगी।
उम्मीदवारों में न्याय की उम्मीद
बेगूसराय के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने मेधा सूची में गड़बड़ी की शिकायत की थी। इस निलंबन के बाद अब उन अभ्यर्थियों में न्याय की उम्मीद जगी है जो योग्यता के बावजूद चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए थे। अब देखना यह होगा कि विभागीय जांच के बाद दोषी अधिकारी पर और क्या दंडात्मक कार्रवाई होती है और क्या मेधा सूची को संशोधित किया जाएगा।
मेधा सूची में मनमानी का आरोप
दरअसल बेगूसराय में होमगार्ड बहाली में गड़बड़ी का मामला काफी चर्चा में रहा है। अगस्त 2025 में जब 422 रिक्तियों के लिए 612 उम्मीदवारों की औपबंधिक मेधा सूची (Provisional Merit List) जारी की गई, तो चयन से वंचित रह गए अभ्यर्थियों ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया।अभ्यर्थियों का आरोप था कि कई ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया गया है जिनके प्रमाण पत्र या दस्तावेज फर्जी या अवैध हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और मेडिकल जांच के बाद मेधा सूची में मनमाने ढंग से बदलाव किए गए। फिजिकल टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले को बाहर कर दिया गया और कम अंक वालों को सूची में जगह दी गई।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
