पहले मार्च मध्य तक रहता था वसंत,अब फरवरी के अंत से ही गर्मी, बदला मौसम
पटना समेत पूरा बिहार अब ड्राई हीट (शुष्क गर्मी) की चपेट में है। भारतीय मौसम विभाग के पटना केंद्र के मुताबिक, अगले 48 से 72 घंटों में दिन के तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होगी। दो मार्च तक राज्य के अधिकांश हिस्से में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री ऊपर जा सकता है।
मार्च के पहले सप्ताह से ही अप्रैल जैसी तपिश का अहसास होने लगेगा। पूर्वानुमान के मुताबिक पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया जिले में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगी। 12 से 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली शुष्क पछुआ हवा दोपहर में लू जैसा अहसास करा सकती है। लेकिन, न्यूनतम तापमान 14-16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से रात अपेक्षाकृत ठंडी रहेगी।
ड्राई हीट क्यों
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पछुआ की रफ्तार बढ़ने और वातावरण में नमी का स्तर गिरने से यह स्थिति बन गई है।
हवा में नमी कम होने के कारण धूप की तपिश सीधे और तीखी महसूस हो रही है।
आसमान पूरी तरह साफ होने से सोलर रेडिएशन का असर बढ़ गया है, जो जमीन को तेजी से गर्म कर रहा है।
सेहत और खेती-बाड़ी पर असर
दिन-रात के तापमान में भारी अंतर के कारण वायरल और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा है। खूब पानी पीएं और अचानक ठंडे वातावरण से निकलकर धूप में न जाएं। वहीं, किसानों को चेतावनी दी गई है कि शुष्क गर्मी के कारण मिट्टी की नमी तेजी से उड़ेगी। गेहूं और अन्य रबी फसलों में जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई जारी रखें ताकि दानों की गुणवत्ता प्रभावित न हो।
10 वर्षों का ट्रेंड : बदल रहा बिहार का क्लाइमेट
आईएमडी के पिछले एक दशक के आंकड़ों को खंगालें तो बिहार के फरवरी-मार्च के पैटर्न में चिंताजनक बदलाव आए हैं। साल 2015 के मुकाबले अब फरवरी के आखिरी हफ्ते में औसत तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस का उछाल देखा गया है। पहले वसंत ऋतु का प्रभाव मार्च के मध्य तक रहता था, लेकिन अब फरवरी खत्म होते-होते ही गर्मी का पीक दिखने लगा है। पिछले 10 साल में फरवरी में हीट स्ट्रेस की घटनाएं बढ़ी हैं, जो सीधे तौर पर ग्लोबल वार्मिंग और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव का संकेत है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
